मुंबई:भारी बारिश के कारण मुंबई बेहाल है। खतरा अभी भी टला नहीं है और बुधवार को फिर भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। बारिश की वजह से भारतीय रेलवे का भी बुरा हाल है। ट्रेनों के लगातार लेट होने के चलते आस-पास के जिलों के लोगों के लिए मुंबई आना और यहां से वापस जाना चुनौती बन गया है। महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले एक जूलर धनराज लूनिया और उनका परिवार मुंबई की बारिश और ट्रेन की लेटलतीफी की वजह से अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में समय से नहीं पहुंच सके।
दरअसल धनराज को अपनी भतीजी की आकस्मिक मृत्यु के बारे में पता चला तो तुरंत मुंबई की ओर रवाना हुए। लेकिन जैसे ही ट्रेन मुंबई के नजदीक पहुंची, भारी बारिश की वजह से यह लेट होती चली गई। नतीजा, जब तक वे मलाड स्थित अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचे तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। धनराज ने बताया, ‘वहां बारिश हो रही थी इसलिए मुंबई में रुकना किसी तरह उचित नहीं था। इसलिए हमने सोमवार रात को ही जलगांव वापस लौटने का फैसला किया। वह और उनके परिवार ने अमृतसर एक्सप्रेस से लौटने का फैसला किया जो रात साढ़े ग्यारह बजे छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) से छूटती है और सुबह सवा छह बजे जलगांव पहुंचाती है।’
उन्होंने आगे बताया, ‘एक बार फिर ट्रेन लेट हो रही थी इसलिए हमने तय किया कि हम सभी को झल्लाहट के बजाय सीट लेकर सो जाना चाहिए।’ वह सुबह 6 बजे उठे तो देखा कि ट्रेन रुकी हुई थी। उन्हें लगा कि जलगांव आ गया है। उन्होंने बाकी लोगों को उठाया और उतरने के लिए तैयार होने को कहा लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि ट्रेन सिर्फ सायन ही पहुंची है।
धनराज ने बताया, ‘यह अविश्वनीय था, हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें?’ धनराज अपने परिवार को लेकर ट्रेन से बाहर स्टेशन पर नाश्ते के लिए ले गए। भारी बारिश की वजह से ट्रेन का इंजन भी खराब हो गया था इसलिए इंजन बदलने के लिए ट्रेन को वापस दादर भेज दिया गया था। आखिरकार दोपहर 12 बजे ट्रेन जलगांव के लिए रवाना हुई।
रातभर चली ट्रेन, पहुंची 13 किमी

