श्रीनगर:जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने 12 घंटे के अंदर पुलवामा और शोपियां में मुठभेड़ के दौरान छह आतंकी मार गिराए। इनमें से एक पाक का रहने वाला खालिद जैश का कमांडर था। मुठभेड़ में सेना के जवान रोहतक के संदीप और कानपुर देहात के रोहित यादव शहीद हो गए जबकि एक नागरिक की मौत हो गई। .
पुलवामा में मुठभेड़ स्थल से गोला-बारूद समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई हैं। उन्होंने कहा, सुरक्षाबलों ने सुबह डेलीपुरा इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था। इसी दौरान एक मकान में छिपे आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए। इनकी पहचान जैश आतंकी नसीर पंडित, शोपियां निवासी उमर मीर और पाक के खालिद के रूप में हुई है। वहीं, देर शाम शोपियां में भी तीन आतंकी मारे गए।
दस दिन बाद छुट्टी पर घर आने वाले थे रोहतक के संदीप
पुलवामा में आतंकी मुठभेड़ में रोहतक के महम कस्बे के बहलबा गांव के रहने वाले संदीप शहीद हो गए। संदीप के पिता ने बताया कि दो दिन पहले ही फोन पर उनसे बात हुई थी।
उन्होंने बताया था कि दस दिन बाद यानी 26 मई को छुट्टी पर घर आ रहा हूं, लेकिन उनके आने से पहले उनकी शहादत की खबर से घर परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को गांव पहुंचेगा। उनके घर पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया है। संदीप के पिता सतबीर किसान और मां बाला गृहणी है। 2017 में उसकी नीरू से शादी हुई थी।
पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि मुठभेड़स्थल से गोला-बारूद समेत आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षाबलों ने सूचना के आधार पर सुबह पुलवामा के डेलीपुरा इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। जब सुरक्षाबल एक मकान और उसके आसपास से आम नागरिकों को बाहर निकाल रहे थे तभी वहां छिपे आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान सेना के एक जवान संदीप शहीद हो गए। वह हरियाणा के रहने वाले थे। एक आम नागरिक रईस डार की भी मौत हो गई।
उधर, शोपियां में सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक मकान में छिपे आतंकियों पर उन पर गोलीबारी शुरू दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया।
तीनों आतंकियों के शव बरामद
प्रवक्ता ने बताया कि इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकियों को मार गिराया। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए आतंकवादियों की पहचान करीमाबाद पुलवामा निवासी नसीर पंडित, शोपियां निवासी उमर मीर और पाकिस्तान के खालिद के रूप में की गई है। वे सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमला एवं आम नागरिकों पर ज्यादतियां करने समेत कई आतंकवादी अपराधों में संलिप्तता को लेकर वांछित थे।
नसीर पंडित पर कई आपराधिक मामले दर्ज
नसीर पंडित का आतंकवादी संगठन में शामिल होने से पहले आतंकवादी गतिविधियों का पुराना रिकॉर्ड था और जैश में शामिल होने के बाद इलाके में आतंकवादी हमले करने और उनका षड्यंत्र रचने के संबंध में उसके खिलाफ कई आतंकवादी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह 2018 में ईद की पूर्व संध्या पर पुलवामा के पुलिसकर्मी मोहम्मद याकूब शाह की हत्या में भी शामिल था। वह आतंकवादी इलाके में दर्ज की गई हथियार छीनने की कई घटनाओं में भी शामिल था।

