प्रयागराज: संगमनगरी इलाहाबाद के प्रयागराज होने के बाद आज पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पदार्पण होगा। प्रयागराज में पीएम नरेंद्र मोदी 4048 करोड़ रुपया की लागत से बनीं 355 योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज के अरैल क्षेत्र में डीपीएस स्कूल में बने हैलीपैड पर हेलीकॉप्टर से उतरे। उनके साथ राज्यपाल राम नाईक तथा सीएम योगी आदित्यनाथ भी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गवर्नर राम नाईक गंगा पूजन- आरती के लिए आसान पर बैठे। पीएम नरेंद्र मोदी हाथ में नारियल लेकर गंगा नदी की आराधना में लीन हैं। इस बीच मंत्रोच्चार जारी। नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो कुंभ की शुरुआत से पहले तीर्थराज प्रयागराज के पूजन के लिए पहुंचे हैं। यहां पर तीर्थ पुरोहितों के समुदाय ने प्रधानमंत्री को संकल्प दिलाया। इस दौरान प्रधानमंत्री व अन्य अतिथियों ने त्रिवेणी का अभिषेक किया है।
संगम पर गंगा नदी के पूजन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकाग्र होकर हाथ जोड़कर बैठे थे। इसके बाद उन्होंने गंगा जी की आरती की।
प्रधानमंत्री कुंभ कमांड सेंटर के निरीक्षण तथा उद्घाटन के बाद संगम पर गंगा आरती करेंगे। वहां पर शानदार इंतजाम किया गया है। प्रधानमंत्री कुंभ के लिए बनाए गए कुंभ कमांड एवं कंट्रोल सेंटर पहुंचे। प्रधानमंत्री कुंभ कमांड एवं कंट्रोल सेंटर जायजा ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजन स्थल पर अखाड़ों के पदाधिकारियों (संतों) से भेंट की। यहां पर संतों ने उन्हें शॉल ओढ़ाई। इसके साथ ही पूजन कराने वाले तीर्थ पुरोहितों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाईं। इस दौरान मुख्यमंत्री व अखाड़ा परिषद के नरेंद्र गिरि भी मौजूद थे। संगम पर पूजन – आरती के बाद प्रधानमंत्री मोदी अक्षयवट जाकर दर्शन-पूजन करेंगे।
धानमंत्री ने पूजन स्थल पर लगी छोटी सी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। काफिला अक्षयवट की तरफ रवाना।पीएम नरेंद्र मोदी की अंदावां की जनसभा को लेकर यहां के लोगों में बहुत उत्साह है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी सभा स्थल पर पहले से मौजूद हैं। अन्दावा सभा स्थल का उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर अभिलाषा गुप्ता भी पहुंच गई हैं। यहां पर प्रयागराज के पास के जिलों के भी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने तथा सुनने के लिए एकत्र हैं। यहां पर केंद्र सरकार के लाभार्थी लोगों को भी बुलाया गया है।
प्रधानमंत्री कुंभ कमांड सेंटर के निरीक्षण तथा उद्घाटन के बाद संगम पर गंगा आरती करेंगे। वहां पर शानदार इंतजाम किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायबरेली से प्रस्थान करने के बाद प्रयागराज के संगम पर गंगा पूजन के बाद कुंभ के 4048 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वह लगभग पांच घंटे यहां रहेंगे। गंगा नदी में पूजा से उनके कार्यक्रम की शुरुआत होगी। संगम से वह पूरी दुनिया को स्वच्छता का संदेश देंगे। उसके बाद झूंसी में सभा स्थल पर कुंभ के 4048 करोड़ रुपये की 355 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। पीएम मोदी रायबरेली से तीन हेलीकॉप्टर से नैनी के अरैल क्षेत्र में डीपीएस मैदान पर बने हैलीपैड पर उतरेंगे। यहां से उनकी फ्लीट संगम जाएगी, जहां वह गंगा पूजन दर्शन करेंगे। उसके बाद संगम नोज पर स्वच्छ कुंभ प्रदर्शनी का उद्घाटन कर वह दुनिया भर को स्वच्छता का संदेश देंगे। कुंभ मेला क्षेत्र में ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह किला स्थित अक्षयवट और फिर बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। ï
यहां से कार से ही अरैल लौटेंगे, जहां से हेलीकॉप्टर से झूंसी के अंदावा स्थित संत निरंकारी मंडल के मैदान पर आयोजित सभा स्थल जाएंगे। वहां कुंभ के स्थायी कार्यों का लोकार्पण करेंगे। कुछ बड़ी परियोजनाओं की वह आधारशिला भी रखेंगे। इसके बाद सभा को संबोधित कर शाम चार बजे के करीब बमरौली एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां सिविल इंक्लेव का उद्घाटन कर वायुसेना के बोईंग विमान से दिल्ली लौट जाएंगे।
राज्यपाल व मुख्यमंत्री साथ आएंगे
प्रधानमंत्री के साथ ही राज्यपाल राम नाईक व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आएंगे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में ही है। वह भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में साथ रहेंगे। प्रधानमंत्री के दिल्ली रवाना होने के बाद शाम को बमरौली एयरपोर्ट से राज्यपाल और मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से लखनऊ लौट जाएंगे।
जोरदार तैयारी
प्रयागराज (इलाहाबाद) में अगले महीने जनवरी में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। परियोजनाएं पर काम कुंभ मेला 2019 को ध्यान में रखकर ही हो रहा है। प्रयागराज में कुंभ मेले का आरंभ 15 जनवरी 2019 से होगा।
कब होता है कुंभ
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम स्थल पर हर 12 वर्ष के अंतराल में कुंभ मेले का आयोजन होता है। कुंभ मेले को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। हर तीन वर्ष के अंतराल में प्रयागराज, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन है। सबसे वृहद कुंभ का आयोजन प्रयागराज में संगम के तट पर होता है.।

