विकास धाकड़/ सूरत। प्रोफेसर साध्वीश्री मंगलप्रज्ञा जी ने अपनी सहवर्तिनी साध्वीवृन्द के साथ सूरत सीमा में प्रवेश किया, इस अवसर पर समायोजित स्वागत समारोह में साध्वी श्री मंगल प्रज्ञा जी ने कहा- आज गुरु निर्देशानुसार हमारा सूरत आगमन हुआ हे । मन में प्रसन्नता है। संतों का शुभागमन सौभाग्य और अध्यात्म का शुभागमन है। शांति, शक्ति और सकारात्मकता का जागरण फलदायी बन जाता है। जीवन सफल बन जाता है। साध्वी श्री जी ने कहा- हर व्यक्ति लक्ष्य का निर्धारण करे । चातुर्मास में ज्ञान दर्शन, तप आदि की विशिष्ट उत्तराधना हेतु सतत जागरुक और प्रयासशील बने। हर व्यक्ति का मानस -धरती पर अध्यात्म का प्रवेश होता रहे। सूरत तेरापंथ महिला मंडल और कन्या मण्डल ने मंगल स्वागत संगान किया। तेरापंथ सभा के नव मनोनीत अध्यक्ष श्री हजारीमल जी भोगर निवर्तमान अध्यक्ष मुकेश जी बैद महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती चन्द्रा मोगर, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम अध्यक्षा श्रीमती सुमन जी सेखानी तेयुप मंत्री श्री कमलेश जी बाफना, उधना तेरापंथ सभा अध्यक्ष निर्मल जैन पर्वत पाटिया तेरापंथ सभा मंत्री एवं महासभा के सदस्य प्रदीप जी गंग ने साध्वी वृन्द का हार्दिक स्वागत अभिनन्दन किया एवं सफल चातुर्मास की मंगलकामनाएं की। साध्वी सुदर्शन प्रभा ,जी साध्वी अतुलयशा जी, साध्वी डॉ राजुल प्रभाजी, साध्वी डॉ चैतन्यप्रभा जी एवं साध्वी शौर्य प्रभा जी ने महाश्रमण डायमंड सिम माल” कार्यक्रम की आकर्षक प्रस्तुति से परिषद का मन मोहा । कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन सूरत तेरापंथ सभा के नवमनोनीत कर्मठ मंत्री श्री महेन्द्र जी मेहता ने किया।

