नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान अगले कुछ महीनों में पब्लिक सेक्टर के बैंकों में 83 हजार करोड़ रुपए का फंड इनफ्यूजन करेगी। सरकार ने इससे पहले गुरुवार को ग्रांट्स की सप्लीमेंट्री डिमांड्स के दूसरे बैच के माध्यम से सरकारी बैंकों में 41 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त फंड इनफ्यूजन के लिए संसद से मंजूरी मांगी थी।
1.06 लाख करोड़ रु तक पहुंच जाएगा बैंकों का रिकैपिटलाइजेशन
इससे चालू वित्त वर्ष के दौरान बैंकों का कुल रिकैपिटलाइजेशन 65 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। जेटली ने रिपोर्टर्स से बातचीत में कहा कि इससे सरकारी बैंकों की लेंडिंग की क्षमता में इजाफा होगा और उन्हें आरबीआई की प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) से बाहर आने में मदद मिलेगी। जेटली ने कहा कि सरकारी बैंकों में नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की पहचान का काम पूरा हो गया है और बैड लोन्स की मात्रा में कमी दिखनी शुरू हो गई है।
संसद से मांगी अतिरिक्त व्यय की मंजूरी
इससे पहले सरकार ने मार्च, 2019 में समाप्त वित्त वर्ष में 85,948.86 करोड़ रुपए के अतिरिक्त ग्रॉस एक्सपेंडिचर के लिए गुरुवार को संसद से मंजूरी मांगी। इसमें से आधी धनराशि पब्लिक सेक्टर के बैंकों में कैपिटल इनफ्यूजन के लिए है। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा 2018-19 के वास्ते लोकसभा में रखी गई सप्लीमेंट्री डिमांड्स के दूसरे बैच में सिर्फ 15,065.49 करोड़ रुपए कैश आउटगो यानी नकद निकासी का प्रस्ताव है। इन ग्रांट्स में से सरकार की 2,345 करोड़ रुपए सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के टर्नअराउंड प्लान में लगाएगी।
15 हजार करोड़ रु कैश आउटगो का प्रस्ताव
वित्त मंत्री ने कहा, ‘85,948.86 करोड़ रुपए के कुल अतिरिक्त व्यय के लिए संसद की मंजूरी मांगी गई है। इस प्रस्ताव में 15,065.49 करोड़ रुपए की कुल नकद निकासी शामिल है और 70,882.21 करोड़ रुपए के व्यय की पूर्ति मंत्रालयों/विभागों की सेविंग्स या बढ़ी हुई रिसीट्स/रिकवरीज से की जाएगी।’
सरकारी बैंकों में लगाए जाएंगे 41 हजार करोड़ रु
सरकार ने अपने स्वामित्व वाले बैंकों में 41,000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त कैपिटल इनफ्यूजन का प्रस्ताव किया है, जो सरकारी सिक्युरिटीज (रिकैपिटलाइजेशन बॉन्ड) जारी करके किया जाएगा। अक्टूबर, 2017 में सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपए लगाने का फैसला किया था, जिसमें से 18,139 करोड़ रुपए बजटीय प्रावधान, 1.35 लाख करोड़ रुपए के रिकैपिटलाइजेशन बॉन्ड और बाकी बैंकों द्वारा बाजार से कैपिटल जुटाकर करना था।
वहीं सरकार को अपनी 58,000 करोड़ रुपए की इक्विटी बेचने का अनुमान था। सरकार का अनुमान था कि पीएसबी बेसल 3 नॉर्म्स पूरा करने के लिए मार्च, 2019 तक स्टॉक मार्केट्स से 58,000 करोड़ रुपए जुटाएंगी।
पब्लिक सेक्टर बैंकों में 83 हजार करोड़ रु का फंड इनफ्यूजन करेगी सरकारः जेटली

