चेन्नई, इंडिया। बुसान, साउथ कोरिया: तमिल राइटर-डायरेक्टर सैलेश रत्नकुमार की डेब्यू फीचर फिल्म ‘सेल्वी’, जिसमें नेशनल फिल्म अवॉर्ड विनर अंजलि पाटिल लीड रोल में हैं और उन्होंने ही फिल्म को प्रोड्यूस भी किया है, अब ग्लोबल मंच पर अपनी खास पहचान बनाने के लिए तैयार है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 31वें बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के विजन एशिया सेक्शन में होगा। यह प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल 6 से 15 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा।
होम-केयर वर्कर्स की उस दुनिया पर आधारित, जो अक्सर हमारी नजरों से ओझल रह जाती है, ‘सेल्वी’ देखभाल, माइग्रेशन, दोस्ती, गिल्ट, थकान और हर मुश्किल के बावजूद आगे बढ़ते रहने के जज्बे की कहानी कहती है। फिल्म की कहानी सैलेश ने सिनेमैटोग्राफर भार्गव श्रीधर के साथ मिलकर लिखी है। इसकी प्रेरणा उन होम-केयर नर्सेज से मिली, जिन्होंने कई महीनों तक भार्गव की मां की गंभीर बीमारी के दौरान उनकी देखभाल की थी। तमिलनाडु के छोटे शहरों से आने वाली ये माइग्रेंट महिलाएं साधारण हॉस्टल्स में रहती हैं और हर दिन ऐसे घरों में काम करती हैं, जो उनकी अपनी जिंदगी से बिल्कुल अलग हैं। खुद कोयंबटूर से चेन्नई आए माइग्रेंट सैलेश ने इस दुनिया के संघर्ष और उसके भीतर की खामोश खींचतान को तुरंत महसूस किया।
सैलेश कहते हैं, “‘सेल्वी’ एक ऐसी महिला की कहानी है, जो अपने एक सामान्य दिन से गुजर रही है। मैं चाहता था कि फिल्म उसके साथ-साथ चले, उसकी जिंदगी के बेहद करीब रहे, बिना उसे समझाने की कोशिश किए और बिना उसकी जिंदगी से उससे ज्यादा मायने निकालने की कोशिश किए, जितने उसमें पहले से मौजूद हैं।”
विजन एशिया, बुसान का वह खास प्लेटफॉर्म है, जहां एशिया के नए डायरेक्टर्स को दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है। इसे वर्ल्ड सिनेमा के सबसे खास डिस्कवरी सेक्शंस में से एक माना जाता है। फिल्म की लीड एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर अंजलि पाटिल ने इसे अपने बैनर अनाहत फिल्म्स के तहत प्रोड्यूस किया है। साल 2021 में अंजलि द्वारा स्थापित अनाहत फिल्म्स, इंडियन और ग्लोबल ऑडियंस के लिए अर्थपूर्ण और प्रभावशाली कहानियां बनाने के लिए समर्पित है। बैनर के तहत फिक्शन और नॉन-फिक्शन फॉर्मेट्स में विविध प्रोडक्शंस तैयार किए गए हैं, जिनमें ‘द मूगाई’ शामिल है, जिसे सनडांस 2023 में प्रदर्शित किया गया था, और ‘बक्शो बॉन्डी’, जिसे बर्लिनाले 2025 में जगह मिली थी। ‘सेल्वी’ अनाहत फिल्म्स की पहली फुल-लेंथ तमिल फीचर फिल्म है।
अंजलि कहती हैं, “एक एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर, ‘सेल्वी’ मेरे लिए उन कहानियों के जरिए अपनी क्रिएटिव इंडिपेंडेंस को फिर से हासिल करने का माध्यम बनी, जिन्हें कहने के लिए धैर्य की जरूरत होती है। यह हेल्थकेयर की दुनिया के उन साधारण लोगों का बेहद पर्सनल और इंटीमेट ऑब्जर्वेशन है, जो अपनी पूरी जिंदगी दूसरों की देखभाल में लगा देते हैं, जबकि उनकी अपनी जिंदगी धीरे-धीरे खामोशी से मुरझाती रहती है। बुसान में इसका प्रीमियर हमारे लिए एक ऐसा माइलस्टोन है, जिस पर हमें बेहद गर्व है। हम ‘सेल्वी’ को वापस घर लेकर आएंगे, उन लोगों के पास, जिनकी यह कहानी सच में है।”
इंडस्ट्री के बेहतरीन टैलेंट्स के साथ बनी ‘सेल्वी’ को एडिट किया है नौ नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुके ए. श्रीकर प्रसाद ने, जबकि फिल्म का साउंड डिजाइन आनंद कृष्णमूर्ति ने किया है, जिन्हें ‘पोन्नियिन सेलवन: पार्ट वन’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। ‘सेल्वी’ को रेड सी फंड, जो रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की एक पहल है, ने को-प्रोड्यूस किया है। फिल्म को हॉन्ग कॉन्ग एशिया फिल्म फाइनेंसिंग का भी सपोर्ट मिला है।
नेशनल अवॉर्ड विनर अंजलि पाटिल की ‘सेल्वी’ अब बुसान में दिखाएगी अपना जलवा, 31वें बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में होगा वर्ल्ड प्रीमियर

