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Reading: नागरिकता कानून : बंगाल में रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़, भीड़ ने 10 बसें जलाईं; ममता की अपील- विरोध करें, पर कानून हाथ में न लें
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नागरिकता कानून : बंगाल में रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़, भीड़ ने 10 बसें जलाईं; ममता की अपील- विरोध करें, पर कानून हाथ में न लें

Last updated: December 15, 2019 9:43 am
Surabhi Saloni
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5 Min Read
File Photo
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कोलकाता: नागरिकता कानून के विरोध में शनिवार को बंगाल में कई शहरों में हिंसा और आगजनी हुई। कोलकाता के पास हावड़ा में प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर 10 बसों में आग लगा दी। कई अन्य वाहनों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की। इसके अलावा भीड़ ने संकराइल स्टेशन कॉम्पलेक्स पर धाबा बोल दिया। यहां आगजनी और तोड़फोड़ की। इस दौरान आरपीएफ के जवानों से मारपीट भी की गई। पूर्वी रेलवे ने सियालदह-हसनाबाद के बीच ट्रेन सेवा रद्द कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करें और कानून हाथ में न लें।

उधर, भाजपा ने इस स्थिति के लिए तृणमूल सरकार को जिम्मेदार ठहराया और राष्ट्रपति शासन की मांग की। पार्टी का कहना है कि बंगाल में हिसंक प्रदर्शन के पीछे बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं और ममता सरकार का उन्हें पूरा समर्थन है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों दोपहर को हावड़ा में कोना हाईवे जाम कर दिया था। पुलिस ने उन्हें खदेड़ा तो 10 बसों में आग लगा दी गई। इस दौरान पथराव में एक पुलिसकर्मी जख्मी हुआ। प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर मुर्शिदाबाद में नजर आया। विरोध कर रहे लोगों ने शुक्रवार को यहां के बेलदंगा स्टेशन और लोको एरिया में आगजनी की थी। इस दौरान आग बुझाने आ रही दमकल की गाड़ी भी जला दी गई थी।

असम में 7 घंटे कर्फ्यू में ढील दी गई

उधर, पूर्वोत्तर के राज्यों में 6 दिन से नागरिकता कानून के विरोध में उग्र प्रदर्शन जारी है। असम में शनिवार को कर्फ्यू में 7 घंटे (सुबह 9 बजे से 4 बजे तक) की ढील दी गई। हालांकि, इंटरनेट सेवा बंद रहेगी। वहीं, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने 3 दिन के लिए सत्याग्रह का ऐलान किया। नगा स्टूडेंड्स फेडरेशन (एनएसएफ) ने शनिवार को 6 घंटे के लिए बंद बुलाया है। त्रिपुरा और मेघालय में तीसरे दिन भी टेलीफोन और इंटरनेट सेवाओं पर रोक रही। रेलवे ने गुवाहाटी में फंसे पर्यटकों और यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाईं। शुक्रवार को भी फुर्कटिंग और डिब्रूगढ़ के बीच स्पेशल ट्रेन चली थी।

अमेरिका समेत तीन देशों ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की

पूर्वोत्तर में जारी विरोध के चलते अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। अमेरिकी एडवाइजरी में कहा गया है कि उसने अस्थाई तौर पर असम की आधिकारिक यात्रा भी स्थगित कर दी है। उधर, प्रदर्शन के बाद दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में 42 छात्रों को हिरासत में लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी में 16 दिसंबर से 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा।

इंटरनेशनल इवेंट्स पर भी विरोध का असर

पूर्वोत्तर के राज्यों में जारी उग्र विरोध के चलते जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15-16 दिसंबर को गुवाहाटी में होने वाली मुलाकात टाल दी गई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन, गृह मंत्री असदुज्जामन खान ने भी भारत दौरा रद्द कर दिया।

5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा- कानून लागू नहीं होने देंगे
गृह मंत्री अमित शाह का शिलॉन्ग दौरा भी रद्द कर दिया गया। उन्हें रविवार को यहां एक कार्यक्रम में शामिल होना था। पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि वे अपने राज्य में नागरिकता कानून को लागू नहीं करेंगे। इस पर केंद्र के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी से कहा कि केंद्रीय कानून को लागू करने से राज्य इनकार नहीं कर सकते।

छात्र संगठन और तृणमूल कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए
भाजपा दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, गुवाहाटी और लखनऊ में 14-18 दिसंबर के बीच नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगी। उधर, आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र संगठन ऑल असम स्टूडेंट यूनियन ने कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। संगठन के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा सरकार ने असम के लोगों के साथ धोखा किया। तृणमूल सांसद महुआ मित्रा ने सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता कानून को चुनौती दी है।

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