मुंबई। महाराष्ट्र का सबसे बड़ा गरबा कहलाने वाला डोंबिवली का “नमो रमो गरबा” अब गरबा प्रेमियों के साथ-साथ देवी भक्तों के लिए भी आस्था का केंद्र बन गया है। शहर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्थित सावळाराम महाराज क्रीड़ा संकुल में बनाए गए भव्य मंडप में प्रवेश करते ही श्रद्धा और भव्यता से ओत-प्रोत मां अम्बे का दिव्य मंदिर नजर आता है। यहां रोज़ अलग-अलग रंगों के प्राकृतिक फूलों से अनोखी और आकर्षक सजावट की जाती है। इसी कारण गरबा अब सिर्फ़ मनोरंजन नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति का विषय बन गया है, ऐसा मत भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने व्यक्त किया।
मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में डोंबिवली का “नमो रमो गरबा” अब बेहद प्रसिद्ध हो चुका है। सांस्कृतिक राजधानी के रूप में डोंबिवली की पहचान तो है ही, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से “नमो रमो नवरात्रि” के नाम से राज्य का सबसे बड़ा नवरात्रि उत्सव भी यहीं आयोजित होता है, जिसमें विश्व प्रसिद्ध गरबा कलाकार हिस्सा लेने को उत्सुक रहते हैं। इस बार सुप्रसिद्ध गायक निलेश गढ़वी, अल्पा बेन पटेल, राहुल पुरेचा, माधवी श्रीवास्तव और अंशिका चोणकर नवरात्रि की नौ रातों को और भी रंग भरी बना रहे हैं। साथ ही सिंधुदुर्ग के भजनी मंडलों का जोशपूर्ण प्रस्तुतीकरण इस वर्ष का खास आकर्षण रहा। इसके साथ देवीमाहात्म्य पारायण, चंडी पाठ और ललिता सहस्रनाम के अवसर पर हुए वेद मंत्रों के उच्चारण से पूरे मंडप में नादब्रह्म की अलौकिक अनुभूति होने की बात कई भक्तों ने कही।
केवल कल्याण-डोंबिवली ही नहीं, बल्कि ठाणे, मुंबई, वाशी, पालघर और मुंबई के बाहर से भी पारंपरिक वेशभूषा में गरबा प्रेमी युवा इस आयोजन में उत्साह के साथ शामिल होते हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी प्रसिद्ध कला निर्देशक संजय धबडे ने भव्य सेट तैयार किया है। वहीं इस बार करीब 70 हजार स्क्वेयर फीट का पूर्ण वातानुकूलित प्लेयिंग एरेना बनाया गया है, जिसे स्वस्तिक इवेंट्स के अनिल पासड ने 135 फुट बाय 500 फुट का विशाल एसी डोम बनाकर साकार किया है। टीटू कुलकर्णी का जबरदस्त साउंड सिस्टम गरबा प्रेमियों का उत्साह दोगुना कर देता है। हर साल की तरह इस बार भी आयोजन समिति ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और आनंददायी वातावरण का पूरा ध्यान रखा है। इसके लिए एसी टॉयलेट्स, अनुचित घटनाओं को रोकने हेतु सीसीटीवी और बाउंसरों की प्राइवेट सिक्योरिटी, साथ ही फूड कोर्ट, पार्किंग और सेल्फी पॉइंट्स जैसी उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने बताया कि घटस्थापना से लेकर नवमी तक के नौ दिन का यह गरबा एक सुखद और ऊर्जा से भरपूर अनुभव बना रहता है। दशहरे के दिन होने वाला रावण दहन देखने के लिए तो अपार भीड़ उमड़ती है। इस भव्य आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव करना हो तो गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को शाम 6 बजे “नमो रमो नवरात्रि” में अवश्य पहुंचे, ऐसा आवाहन आयोजकों ने किया है।
महाराष्ट्र का सबसे बड़ा गरबा “नमो रमो नवरात्रि 2025”

