नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल के बहुचर्चित चेयरमैन रहे ललित मोदी और उनके परिवार के बीच केके मोदी ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने ललित मोदी से दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करने को कहा, जिसने मध्यस्थता की कार्यवाही पर रोक लगाई है।
शीर्ष अदालत में ललित मोदी की तरफ से हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस सूर्यकांत की अवकाश पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इन्कार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करने को कहा, जहां मामला लंबित है और 27 मार्च को सुनवाई होनी है। पीठ ने कहा कि ललित मोदी मामले के जल्द निपटान के लिए हाई कोर्ट से अपील कर सकते हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने हाल ही में ललित मोदी की मां बीना मोदी की याचिका पर सिंगापुर में चल रही मध्यस्थता की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। इससे पहले, एकल पीठ ने इस पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था, जिसके खिलाफ बीना मोदी ने खंडपीठ में अपील की थी।
ललित मोदी, बीना मोदी और उनके दो बच्चों चारू भाटिया और समीर मोदी के बीच सिंगापुर में मध्यस्थता की कार्यवाही चल रही है। दिल्ली हाई कोर्ट में बीना, चारू और समीर मोदी ने यह दलील दी थी कि परिवार के सदस्यों के बीच एक ट्रस्ट डीड बना है और भारतीय कानून के मुताबिक केके मोदी के पारिवारिक ट्रस्ट के विवाद को देश के बाहर मध्यस्थता के जरिए नहीं सुलझाया जा सकता है।

