– राजस्थान में पाली जिले के बगोल में जैन सोशल ग्रूप की ओर से आयोजित किया गया कार्यक्रम
– मशहूर वित्त विशेषज्ञ भरतकुमार सोलंकी ने किया बागोल की विकास गाथा का बखान
पाली (राजस्थान)। कोरोना के कहर को समाप्त करने के लिए यज्ञ हवन और प्रार्थनाओं का सिलसिला शुरू हो चुका है। राजस्थान में पाली जिले के बगोल में जैन सोशल ग्रूप की ओर से आयोजित किए गए महादेव मेला में आये लोगों ने सामहूिक रूप से हवन पूजन कर कोरोना वायरस से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना भगवान से की। इस मौके पर भक्ति संध्या एवं रंगारंग वेशभूषा कार्यक्रम के साथ वरघोड़ा धूमधाम से निकाला गया। जिसमें सुरीले लोक गीतों के साथ नाचते गाते बजाते असंख्य लोगों ने अपनी उपस्तिथि दर्ज कर भगवान भोलेनाथ महादेव में अपनी अपार श्रद्धा और विश्वास व्यक्त किया। भोलेनाथ महादेव से दुनियाभर में फैल रहे कोरोना के क़हर को समाप्त करने हेतु यज्ञ हवन प्रार्थना भी की गई। इस अवसर पर मशहूर वित्त विशेषज्ञ भरतकुमार सोलंकी ने बागोल की विकास गाथा को बयान करते हुए कई युग पुरूषों को याद किया।
दिवंगत आत्माओं को नमन
जाट समाज के गलोबा,कनोबा, चुन्नोबा, सखोबा, रूघारामजी, राजपूत समाज के रोबदार ठाकुरसाहब भीखसिंहजी, अनोपसिंहजी, गुलाबसिंहजी सोलंकी, जैन समाज से पिताश्री दीपचंदजी सोलंकी, सुमेरमलजी, फ़ुटरमलजी, भीमराजजी, वगतावरमलजी, मिश्रीमलजी, चांदमलजी कोठारी, राईचंदजी-मीठालालजी बोराणा, मोतीलालजी, भंवरलालजी सरपंच, आरजी कोठारी, लालारामजी तेली एवं देवासी समाज के जेपबा सहित अनेक प्रेरणा पुरुष दिवंगत आत्माओं को याद किया। अपने जीवन काल के दौरान ग्राम विकास निर्माण में पंच प्रणाली के तहत न्याय संगत व्यवस्था देकर जो विशेष भूमिका निभाई, गांव की तमाम जाति समाज में वर्तमान पीढ़ी के लोग उन्हें याद किए बिना नहीं रह सकते हैं।
ग्राम विकास यात्रा
राजकीय उच्च माध्यमिक विध्यालय के लिए अनेक कमरों एवं बाउंडरी का निर्माण, होस्पीटल, बालिका विध्यालय, पंचायत भवन, सांड-पाड़ा मकान, पोस्ट एवं बैंक कार्यालय, जैन समाज के मंदिर, पेढ़ी, पंचो बगीची, दो-दो उपाश्रय आराधना भवन, आयंबिल भवन, धर्मशाला, पेयजल प्याऊ, चारभुजा बगीची आदि कई ग्राम विकास निर्माण कार्य दानदाताओं के सहयोग से किए गए हैं। पांच सौ साल से भी अधिक पौराणिक इस गांव की विकास यात्रा क़रीब सतर वर्ष पूर्व शुरू हुई थी। तब गांव के लोगों के आर्थिक हालात उतने मज़बूत नहीं थे कि वे अपना ख़ुद का मकान पक्का बना सके, फिर भी वे ख़ुद कच्चे मकानों में रहते हुए भी ग्राम विकास में अपनी हिम्मत दिखाते हुए अपने तन और मन से जुटकर यह सारे निर्माण कार्य किए।
तन-मन और धन का गुरुमंत्र
तन-मन और धन का यह मूलमंत्र आचार्यश्री जिनेंद्रसूरिश्वरजी महाराज साहब ने बागोल में चातुर्मास के दौरान दिया था जिसे दीपचंदजी सोलंकी सहित तमाम बड़े बुज़ुर्गों ने अपनाकर इसे ग्राम निर्माण का एक बड़ा मिशन ही बना लिया। पुरे देश में राजस्थान ही एक मात्र प्रदेश हैं जिसमें पियाऊ, स्कूल, धर्मशाला आदि भवनो का निर्माण दानदाताओं द्वारा किया गया, जो सरकार की ज़िम्मेदारी होते हुए भी भामाशाहों द्वारा किए जा रहे हैं।
बड़े बुज़ुर्गों से अपील
वित्त विशेषज्ञ भरतकुमार ने सर्वश्री ज़ालमसिंहजी, भंवरसिंहजी ठाकुरसाहब, अमरचंदजी कोठारी, जयंतिलालजी सोलंकी, नरपतसिंहजी, चंपालालजी-रिखबचंदजी सोलंकी, मोहब्बतसिंहजी, अरविंदकुमारजी, मूलचंदजी सोलंकी, बाबुलालजी मेहता, वैष्णव समाज के ओगड़दास, जाट समाज के पकाराम, माँगीलाल, भीखाराम, छोगाराम, हस्तिमल, मूलाराम, कालूराम सहित तमाम बड़े बुज़ुर्गों से अपील करते हुए कहा की अतीत की पंच परंपरा को क़ायम करते हुए विकास की यात्रा को आगे बढ़ाए जिससे युवा पीढ़ी की समाज विकास में
रुचि बनी रहे।
युवाओं का उत्साह
हाल ही में पिछले माह हुए चारभुजानाथ एवं कुंभेश्वर महादेव मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने के लिए भंवरसिंह चुंड़ावत, भगवतसिंह, सोलंकी, मांगुसिंह, जाट समाज के खेताराम, चंपालाल, कानाराम जाट, फूटरमल-हरीश छिपा, केसाराम-मेघाराम तेली सहित ‘जाट युवा मित्र मंडल’ एवं ‘बागोल युवा मंडल’ के तमाम युवाओं की सराहनीय सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए वित्त विशेषज्ञ सोलंकी ने गांव के युवाओं का उत्साह बढ़ाया।
बांध निर्माण के लिए प्रण-संकल्प
ग्राम पंचायत क्षेत्र के काँकलावास में लगभग चालीस साल पहले कृषि भूमि सिंचाई के लिए एक बड़े बांध का निर्माण सरकारी योजना के तहत शुरू किया गया था जिस पर सरकार ने लाखों रुपया ख़र्च किए हुए हैं। सरकारी लाल फ़ीताशाही के चलते इस बांध का निर्माण कार्य आज तक अधूरा पड़ा हुआ हैं। ग्राम पंचायत द्वारा एक बार फिर इस बांध निर्माण योजना प्रोजेक्ट को सरकार के समक्ष पेश करे तो बागोल के अलावा गुड़ा देवड़ान, काँकलावास, वरदिया सहित पचीस गांवो के किसानों को इससे खेती के लिए सिंचाई जल उपलब्ध होगा। संपूर्ण इलाक़े के खेत खलियान तो हरे भरे होंगे ही साथ में यह एक पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र भी होगा। हम अपनी ही माटी-पानी में पैदा हुए अन्न-धन खाद्य पदार्थों से बने भोजन की प्रसाद सामग्री भोग चढ़ाने का प्रण-संकल्प समस्त ग्रामवासी एक बार ले लेते हैं तो भोलेनाथ महादेव हमारी इच्छा जल्द पुरी करेंगे। समस्त ग्रामवासियों से इस बांध के निर्माण हेतु प्रण संकल्प लेने की अपील वित्त विशेषज्ञ भरतकुमार सोलंकी ने की।

