नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई ने की, ने 26 मई 2025 को हुई बैठक में राजस्थान, त्रिपुरा, झारखंड और मद्रास उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के तबादले की सिफारिश की। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार, 28 मई 2025 को जारी एक बयान में दी गई। यह निर्णय कॉलेजियम के व्यापक न्यायिक पुनर्गठन प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें 21 उच्च न्यायालय न्यायाधीशों के तबादले और सुप्रीम कोर्ट में तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिशें भी शामिल हैं।
बयान के मुताबिक राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव को मद्रास उच्च न्यायालय स्थानांतरित किया गया है। इसी प्रकार त्रिपुरा के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को तेलंगाना, झारखंड के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम.एस. रामचन्द्र राव को त्रिपुरा और मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के.आर. श्रीराम का राजस्थान उच्च न्यायालय में तबादला किया गया है। बयान में कहा गया है कि कॉलेजियम की 26 मई को हुई बैठक में उक्त चारों उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के तबादले की सिफारिश संबंधी फैसला लिया गया।
कॉलेजियम की बैठक में अन्य प्रमुख सिफारिशें भी की गई, जिनमें कॉलेजियम ने तीन उच्च न्यायालय न्यायाधीशों-जस्टिस एन.वी. अंजारिया (कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मूल उच्च न्यायालय: गुजरात), जस्टिस विजय बिश्नोई (गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मूल उच्च न्यायालय: राजस्थान), और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर (बॉम्बे उच्च न्यायालय)-को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की। ये नियुक्तियाँ सुप्रीम कोर्ट में तीन रिक्तियों को भरने के लिए हैं, जो पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, जस्टिस अभय एस. ओका, और जस्टिस हृषिकेश रॉय के सेवानिवृत्त होने के बाद उत्पन्न हुईं।
कॉलेजियम ने पाँच उच्च न्यायालयों मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गौहाटी, पटना, और झारखंड के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की। जस्टिस संजीव सच्चदेव (मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई। जस्टिस विभु बखरू (दिल्ली उच्च न्यायालय) को कर्नाटक उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश तथा जस्टिस आशुतोष कुमार (पटना उच्च न्यायालय) को गौहाटी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने, जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली (पटना उच्च न्यायालय) को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने, जस्टिस तरलोक सिंह चौहान (हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय) को झारखंड उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई।
उच्च न्यायालय न्यायाधीशों के तबादले: कॉलेजियम ने 21 उच्च न्यायालय न्यायाधीशों के तबादले की सिफारिश की, जो तेलंगाना, कर्नाटक, मद्रास, केरल, आंध्र प्रदेश, बॉम्बे, दिल्ली, राजस्थान, कलकत्ता, इलाहाबाद, पंजाब और हरियाणा, गौहाटी, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, और पटना जैसे उच्च न्यायालयों को प्रभावित करते हैं। कॉलेजियम ने इन तबादलों और नियुक्तियों को “न्याय प्रशासन को बेहतर बनाने” और “उच्च न्यायालयों में समावेशिता और विविधता को बढ़ावा देने” के उद्देश्य से किया है। सुप्रीम कोर्ट में 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या के मुकाबले वर्तमान में 31 न्यायाधीश हैं, और इन नई नियुक्तियों से रिक्तियों को भरने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, तबादलों से उच्च न्यायालयों में वरिष्ठता और प्रतिनिधित्व के संतुलन को बनाए रखने में सहायता मिलेगी। यह हाल के महीनों में उच्च न्यायालय न्यायाधीशों का सबसे बड़ा तबादला प्रस्ताव है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद न्यायाधीश अपने नए पदों पर कार्यभार संभालेंगे।
कॉलेजियम की बैठक में राजस्थान, त्रिपुरा, झारखंड और मद्रास उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के तबादले की सिफारिश

