नयी दिल्ली:केन्द्र ने सोमवार को एक आवेदन दायर कर राम मंदिर बाबरी मस्जिद की विवादित जमीन का एक हिस्सा राम जन्मभूमि न्यास (Ram Temple Trust) को अलग कर उसे देने की इजाजत मांगी।
साल 1993 में, केन्द्र ने विवादित स्थल के आसपास 67 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 1994 में इस अधिग्रहण को स्वीकार किया और यह आदेश दिया कि ये जमीन केन्द्र सरकार के पास बनी रहेगी। यह जमीन तब तक किसी को नहीं दी जाएगी जब तक विवाद पर फैसला नहीं हो जाता है।
असलम भूरे की याचिका पर यही व्यवस्था साल 2011 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में भी बरकरार रखी गई। भूरे भी इस केस में याचिकाकर्ता है।

