मुंबई। युग प्रधान शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रबुद्ध शिष्य मुनि श्री कुलदीप कुमार जी स्वामी एवं मुनि श्री मुकुल कुमार जी का कांदिवली तेरापंथ भवन में चातुर्मासिक प्रवेश हुआ। इस कार्यक्रम से पूर्व ओबेराॅय बिल्डिंग से विशाल जनमेदिनी की उपस्थिति में “आचार्य श्री भिक्षु त्रिशताब्दी वर्ष अभिवंदना रैली” व जयकारों के साथ तेरापंथ भवन में मंगल प्रवेश हुआ। कार्यक्रम कि शुरुआत महिला मंडल मालाड के मंगलाचरण से की गई। श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउण्डेशन अध्यक्ष मेघराज धाकड़ ने स्वागत भाषण में कहा कि चार माह के चातुर्मास में सभी आत्म कल्याण का कार्य करें।
श्रावक समाज को संबोधित करते हुए मुनि श्री कुलदीप कुमार जी ने फ़रमाया भगवान महावीर का जो दर्शन है उस दर्शन को जब तक हम नहीं समझेंगे जीवन में नहीं उतारेंगे तो वही हालत होगी जेसे क्या डॉक्टर के घर में जन्म होने से कोई बच्चा डॉ नहीं बन जाता हमें सहज सरलता से भगवान महावीर का धर्म मिल गया ,हमारे जीवन का मूल आधार क्या है भगवान महावीर की वाणी जो हमें आगमों से मिलती हैं।
मुंबई में पहली बार 7 जुलाई को बालचंद कोठारी के 11 प्रतिमा का कार्यक्रम है। मुनि श्री मुकुल कुमार जी ने अपने संबोधन में कहा “हर्ष से संघर्ष को रास्ता दिखाएंगे, मुस्कुराहट से मुसीबत को दुर भगायेंगे”। गुरु आज्ञा से आज मुनि श्री कुलदीप कुमार जी का विधिवत प्रवेश हो गया।यह चातुर्मास केवल औपचारिक ही नहीं रहे विशेष रहस्यो को जानने का प्रयत्न करें ताकि हम पाश्चात्य संस्कृति पर अंकुश लगा सके,यह चातुर्मास हम सब के लिए विलक्षण बनें, प्रभावी बने, सफल बनें, सुफल बने और आध्यात्म के उत्कृष्ट शिखर पर हम पहुंच सके। मुंबई तेरापंथी सभा अध्यक्ष माणक धींग ने अपने वक्तव्य में कहा चातुर्मास में अधिक से अधिक संख्या में लाभ ले। STMF मंत्री प्यारचंद मेहता ने कहा विद्वान संतों का चातुर्मास हमें मिला है,आगमों की वाणी का श्रवण करना है। कन्या मंडल कांदिवली ने गितिका “जिन शासन है पाया, स्वागतम् – स्वागतम् ” का संघान किया। कांदिवली महिला मंडल ने गितिका “मंगल गावा आगणे मुनिवर जी पधार्या आगणे हो मुनिवर जी पधार्या” का संघान किया।
तेरापंथी सभा अध्यक्ष ज्ञानमल भंडारी ने अपने वक्तव्य में कहा हम सभी का दायित्व है कि इस स्वर्णिम अवसर का भरपूर लाभ उठायें व ज्ञान, दर्शन, चारित्र,तप की आराधना करें।
तेयुप कांदिवली अध्यक्ष राजेंद्र दुगड़ ने अपने वक्तव्य में कहा गुरुदेव ने महती कृपा कर हमें विद्वान संतों का चातुर्मास दिया है यह चौखला धन्य हो गया है ,मैं आशा करता हूं चार महीने आप सभी धर्म आराधना, स्वाध्याय व सभी कार्यशालाओं में भाग लेंगे।तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा विभा श्रीश्रीमाल ने कहा “आप गुणों का हो गुड खजाना थोड़ी सी तो कृपा दृष्टि हम पर भी बरसाना, मंगल करते हैं आप पधारे आज स्वागतम् स्वागतम्” व आगामी ज्योतिर्गमय आगम कार्यक्रम की जानकारी दी ।मालाड सभा अध्यक्ष गणेश कोठारी ने कहा सभी श्रावक समाज एतिहासिक चातुर्मास बनायें।तेयुप मालाड़ अध्यक्ष भरत भंडारी ने कहा हम प्रार्थना करते हैं कि यह चातुर्मास मंगलकारी, शांति, साधना और समर्पण से परिपूर्ण हो। STMF कोषाध्यक्ष भगवती लाल धाकड़ ने स्वागत भाषण दिया। पुर्व STMF अध्यक्ष विनोद बोहरा ने मुनि श्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।
तेरापंथी सभा पुर्व अध्यक्ष पारसमल दुगड़ ने अपने संबोधन में कहा मुनिश्री का व्यक्तित्व सरल हैं, मुनि श्री के प्रति कृतज्ञता। TPF प्रशांत जी ने सफलतम चातुर्मास कि कामना की। तेयुप कांदिवली पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंघवी व तेरापंथी सभा अध्यक्षा बोरीवली संगिता सिंघी ने मंगल भावना प्रेषित की।
मुंबई सभा उपाध्यक्ष चांदरतन दुगड़ ने अपने उद्बोधन में कहा हर मुश्किल का आसान समाधान हमें मुनि श्री से सरलता से मिल जाता है। आगामी ज्योतिर्गमय आगम दर्शन कार्यशाला कार्यक्रम में सभी को पधारना है। मिनाक्षी भुतोड़िया ने “राजभवन में आई बहार संग चमन मेरा गुलजार, करते वंदना मेरे मुनिवरम स्वागत करते हैं हम मुनिवरम।” गीत का संघान किया। तेरापंथी सभा मंत्री दिनेश सुतरिया ने भिक्षु चेतना वर्ष में आप सभी कार्यक्रम में पधारे। हम तो स्वयं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं कि हमें विद्वान संतों का चातुर्मास मिला। मुंबई पूर्व सभा अध्यक्ष नरेंद्र तातेड़ ने गीत”खुशियों के दीप जले,मुनिवर आंगन आये” कि प्रस्तुति दी।
नवरत्न गन्ना ,तरूणा बोहरा,निर्मल सोनी ने मंगल भावना प्रेषित की। अशोक हिरण ने गीत की प्रस्तुति दी। Abtyp क्षेत्रीय प्रभारी प्रशांत तातेड़ ने मंगलमय चातुर्मास की कामना की। कुलदीप बेद ने कहा मुनिश्री में खजाना है ज्यादा से ज्यादा इसका लाभ लें। डालगणी जोन ज्ञानशाला से सेजल चोरड़िया ने अपना संबोधन दिया। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने अपने उद्बोधन दिये। आभार ज्ञापन पंकज कच्छारा ने किया। कुशल मंच संचालन दलपत बाबेल ने किया।

