सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: जयपुर राजघराने ने कहा- हम श्रीराम के वंशज, महाराजा भवानी सिंह कुश की 307वीं पीढ़ी थे
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
nationalstate

जयपुर राजघराने ने कहा- हम श्रीराम के वंशज, महाराजा भवानी सिंह कुश की 307वीं पीढ़ी थे

Last updated: August 11, 2019 11:10 am
Surabhi Saloni
Share
4 Min Read
SHARE

जयपुर:अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 9 अगस्त को कोर्ट ने रामलला के वकील से पूछा था- क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में है? इस पर वकील ने कहा था- हमें जानकारी नहीं। मगर जयपुर के राजपरिवार का कहना है कि हम भगवान राम के बड़े बेटे कुश के नाम पर ख्यात कच्छवाहा/कुशवाहा वंश के वंशज हैं। यह बात इतिहास के पन्नों में दर्ज है।

पूर्व राजकुमारी दीयाकुमारी ने इसके कई सबूत भी दिए हैं। उन्होंने एक पत्रावली दिखाई है, जिसमें भगवान श्रीराम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रमवार दर्ज हैं। इसी में 289वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा है। इसके अलावा पोथीखाने के नक्शे भी हैं।

Name

दीयाकुमारी ने दिए ये 3 सबूत

  1. जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह भगवान राम के बड़े बेटे कुश के 289वें वंशज थे।
  2. 9 दस्तावेज, 2 नक्शे साबित करते हैं कि अयाेध्या के जयसिंहपुरा व राम जन्मस्थान सवाई जयसिंह द्वितीय के अधीन ही थे।
  3. 1776 के एक हुक्म में लिखा था कि जयसिंहपुरा की भूमि कच्छवाहा के अधिकार में हैं।

Map

कुशवाहा वंश के 63वें वंशज थे श्रीराम, राजकुमारी दीयाकुमारी 308वीं पीढ़ी

सिटी पैलेस के ओएसडी रामू रामदेव के अनुुसार कच्छवाहा वंश काे भगवान राम के बड़े बेटे कुश के नाम पर कुशवाहा वंश भी कहा जाता है। इसकी वंशावली के मुताबिक 62वें वंशज राजा दशरथ, 63वें वंशज श्री राम, 64वें वंशज कुश थे। 289वें वंशज आमेर-जयपुर के सवाई जयसिंह, ईश्वरी सिंह और सवाई माधाे सिंह और पृथ्वी सिंह रहे। भवानी सिंह 307वें वंशज थे।

इतिहासकार बोले- रामजन्म स्थल पर जयपुर के कच्छवाहा वंश का हक

सिटी पैलेस के पाेथीखाना में रखे 9 दस्तावेज और 2 नक्शे साबित करते हैं कि अयाेध्या के जयसिंहपुरा और राम जन्मस्थान सवाई जयसिंह द्वितीय के अधीन थे। प्रसिद्ध इतिहासकार आर नाथ की किताब द जयसिंहपुरा ऑफ सवाई राजा जयसिंह एट अयाेध्या के एनेक्सचर-2 के मुताबिक अयाेध्या के रामजन्म स्थल मंदिर पर जयपुर के कच्छवाहा वंश का अधिकार था।

सवाई जयसिंह ने 1717 में अयोध्या मेंं मंदिर भी बनवाया था

1776 में नवाब वजीर असफ- उद- दाैला ने राजा भवानी सिंह काे हुक्म दिया था कि अयाेध्या और इलाहबाद स्थित जयसिंहपुरा में काेई दखल नहीं दिया जाएगा। ये जमीनें हमेशा कच्छवाहा के अधिकार में रहेंगी। औरंगजेब की मृत्यु के बाद सवाई जयसिंह द्वितीय ने हिंदू धार्मिक इलाकाें में बड़ी-बड़ी जमीन खरीदीं। 1717 से 1725 में अयाेध्या में राम जन्मस्थान मंदिर बनवाया था।

कोर्ट ने पूछा-इसलिए सामने आए: पूर्व राजमाता

जयपुर राजघराने की पूर्व राजमाता पद्मिनी देवी ने कहा कि राम मंदिर पर जल्द समाधान हो। चूंकि काेर्ट ने पूछा है कि भगवान राम के वंशज कहां हैं? इसलिए हम सामने आए हैं कि हां! हम उनके वंशज हैं। दस्तावेज सिटी पैलेस के पोथीखाने में हैं। हम नहीं चाहते कि वंश का मुद्दा बाधा पैदा करे। राम सबकी आस्था के प्रतीक हैं।

हम श्रीराम के बेटे के वंशज : दीयाकुमारी

जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य दीयाकुमारी का कहना है- दुनियाभर में भगवान राम के वंशज हैं। इसमें हमारा परिवार भी शामिल है, जो भगवान राम के बेटे कुश का वंशज है। ये इतिहास की खुली किताब की तरह है। राम मंदिर मामले की सुनवाई तेजी से हो और इस पर कोर्ट जल्द अपना फैसला सुनाए।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article ब्रिटिश जहाज के मालिक का मोदी को पत्र- ईरान के कब्जे से 23 क्रू मेंबर्स को छुड़ाने में मदद करें
Next Article आज दो चीजें याद रखना मत, दो चीजें भूलना मत: विश्ववंदना जी म.सा.

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

‘हनुमान अंश’ लिखने के लिए विशाल चतुर्वेदी ने छोड़ी डिजिटल दुनिया, 45 दिन में लिखा पहला सीन
entertainment
September 11, 2026
जीवन का आध्यात्मिक आभूषण है सामायिक : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण
social
September 11, 2026
चेम्बूर में सामायिक दिवस पर विशेष कार्यक्रम
social
September 11, 2026
चंचलता से स्थिरता में आना सामायिक है साध्वी विद्यावती जी
social
September 11, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?