कांदिवली। सामायिक से समता भाव का विकास होता है तथा अशुभ विचारों से छुटकारा मिलता है। सामायिक भीतर की सुखद अनुभूति है इसमें कोरी अभिव्यक्ति नहीं होती है। सामायिक प्रदर्शन नहीं आत्म दर्शन की प्रक्रिया है। इससे मानसिक संतुलन बना रहता है।
तनाव एवं अवसाद से मुक्ति मिलती है। वर्तमान की हर समस्या का समाधान है – जीवन में संतुलन एवं समता होना। विभाव से स्वभाव में आना सामायिक है। चंचलता से स्थिरता में आना सामायिक है। ये विचार शासन श्री साध्वी श्री विद्यावतीजी ‘द्वितीय’ ने पर्युषण पर्व के अंतर्गत तेरापंथ भवन कांदिवली मै आयोजित सामायिक दिवस मे उपस्थित जन्मेदिनी को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
आगे साध्वी श्री जी ने चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर के 27 भवों का सुंदर विवेचन किया – । पंद्रह भवों तक का वर्णन कर साध्वी श्री जी ने जनसमूह को प्रवचन के माध्यम से कर्मों के बंधन से दूर रहने का आह्वान किया। साध्वी श्री प्रियंवदाजी ने उद्बोधन में कहा – “भगवान ने कहा है पहले ज्ञान करो फिर आचरण करो। ज्ञान के बिना क्रिया अधूरी है। स्वाध्याय से ज्ञान मिलता है तो सामायिक से आचरण सुधरता है।
जिसमें श्रद्धा होती है वही ज्ञान प्राप्त कर सकता है। पर्युषण में ज्ञान भी प्राप्त करें और आचरण भी करें। पर्युषण जागरण का संदेश देता है। यह व्यक्ति को मूर्छा, प्रमाद, आलस्य, भ्रम से बाहर निकालकर उसे सच्चाई से परिचित कराता है।” आज सामायिक दिवस के उपलक्ष्य में अभिनव सामायिक का उपक्रम रखा गया।
साध्वी प्रेरणा श्री जी ने ध्यान करवाया तथा साध्वी मृदुयशा जी ने स्वाध्याय योग करवाया। साध्वी रिद्धियशा जी ने जप योग का प्रयोग करवाया। इसके अलावा त्रिपदी वंदना, क्रां भवि प्रशिक्षण दिया गया तथा परमेष्ठी वंदना का संगान किया गया। आज चतुर्दशी थी अतः मर्यादा पत्र का वाचन साध्वी श्री विद्यावती जी ने किया। श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन मेघराज धाकड, विनोद बोहरा एवं मीठालाल धाकड ने किया।
साध्वी श्री जी ने तेले के तप का महत्व बताते हुए तेले के प्रत्याख्यान करवाये। अष्ट दिवसीय श्रमणोपासक साधना शिविर में करीब 85 साधक साधिकाएं अहर्निश धर्माराधना में संलग्न है। कार्यक्रम का शुभारंभ गौरेगांव तेरापंथ महिला मंडल के मंगलाचरण से हुआ। कार्यक्रम का संचालन सुभाष सिंघी विनोद सिंघी ने किया।
इस अवसर पर प्यार चंद मेहता, बाबूलाल राठौड़, जवरी मल नोलखा , अशोक बाफना गणेश लाल कोठारी राजेंद्र मुथा दलपत बाबेल भंवर लाल बाफना अशोक बाबेल विनोद धाकड़, आशीष श्रीश्री माल
दिलीप चपलोत इन्दर मल कच्छारा , सुनील धिंग सुभाष बापना , शांति धोखा योगेश कोठारी, हस्तीमल भंडारी अर्जुन लाल सांखला सुरेश धोखा, प्रकाश राठौड़, अर्जुन लाल सांखला, शांतिलाल चौधरी रमेश बाफना मुकेश चौरडिया देवेंद्र कावड़िया पारस खाव्या जमना धाकड़, शंकर लाल मुनोट पैलेस मेहता, गोमती मेहता भारती खाब्या, प्रकाश धिंग सुखलाल कचछारा, प्रीति बोथरा रतन लाल सिंघवी, मधु श्यामसुखा कमलेश कोठारी, विभा श्री श्री माल. नूतन जैन, विनोद सोलंकी, उर्मिला भंडारी, पुखराज बोहरा, रेखा मुथा रेखा डांगी संध्या बापना निर्मला कोठारी, सहित विभिन्न गणमान्य महानुभाव उपस्थित रहे l
चंचलता से स्थिरता में आना सामायिक है साध्वी विद्यावती जी

