बालासोर: भारत ने रविवार को ओडिशा में चांदीपुर स्थित परीक्षण रेंज से ऑल-वेदर और ऑल-टेरेन क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (क्यूआरएसएम) का सफल परीक्षण किया। इस अत्याधुनिक मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सेना के लिए विकसित किया है। डीआरडीओ सूत्रों ने बताया क्यूआरएसएम का यह दूसरा परीक्षण सुबह 11.05 बजे एक ट्रक-आधारित लॉन्च यूनिट से किया गया।
सूत्रों के मुताबिक ऑल-वेदर और ऑल-टेरेन मिसाइल को एक ट्रक पर लगाया जा सकता है। इसके साथ ही यह इलेक्ट्रॉनिक काउंटर सिस्टम से लैस है, जिससे यह रडार के जैमर होने के बावजूद हमला करने में सक्षम है। सूत्रों ने बताया कि क्यूआरएसएम में ठोस ईंधन का इस्तेमाल होता है और इसकी मारक क्षमता 25 से 30 किमी है।
क्यूआरएसएम का पहला परीक्षण 2017 में हुआ था
क्यूआरएसएम का पहला परीक्षण 4 जून, 2017 को हुआ था। इसके बाद 26 फरवरी, 2019 को एक ही दिन सफलतापूर्वक दो राउंड परीक्षण सफल रहा था। दो मिसाइलों का परीक्षण विभिन्न ऊंचाई और स्थितियों से किया गया था।

