जलगांव। तेरापंथ महासभा के तत्वाधान में आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री निर्वाण श्रीजी ठाणा ६ के पावन सानिध्य में जलगांव में ज्ञान शाला का प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ।
जीवनदानी कार्यकर्ता उपासक प्राध्यापक डालिमचंद जी नॊलखा की अध्यक्षता में जलगांव एवं भुसावल की प्रशिक्षको के प्रशिक्षण का उल्लासपूर्ण माहौल में शुभारंभ हुआ ।
उपस्थित प्रशिक्षको व श्रदालुओं को संबोधित करते हुए विदुषी साध्वी श्री निर्वाण श्री जी ने कहा कि ज्ञानशाला गुरुदेव श्री तुलसी का विशेष अवदान है ।हजारों हजारों बच्चों में संस्कार भरने का यह सुंदर माध्यम है आज से जलगांव में एक ज्ञान यज्ञ की शुरुआत हो रही है ।ज्ञान हमारी चेतना को परिष्कृत करता है ।डालिमचंदजी पूर्ण समर्थता के साथ ज्ञान बांट रहे हैं। साध्वी श्री डॉ योगक्षेमप्रभा जी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा कि ज्ञान के समान पवित्र यहां कुछ भी नहीं है क्योंकि ज्ञान मार्गदर्शक है, रोशनी है जो आचरण का पथ प्रशस्त करता है, ज्ञान के प्रकाश में संस्कार व आचार सुदृढ बने यही अभी आशा है।

उपासक प्राध्यापक डालिम चंद जी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा महासभा का तत्वाधान ,जलगांव सभा का आयोजन, विदुषी साध्वी श्री निर्वाण श्रीजी की पावन सन्निधि और प्रशिक्षण का पुनीत कार्य का मुझे सात्विक प्रसन्नता हैयहां आकर ।देश भर में 6000 प्रशिक्षित प्रशिक्षिकाएं और 3000 से अधिक प्रशिक्षक सेवाएं दे रहे है यह शासन की जड़ को मजबूत करने का कार्य है। इस मौके पर खानदेश सभा के अध्यक्ष अनिल जी सांखला जलगांव सभा के अध्यक्ष माणक चंद जी बॆद ने प्रासंगिक अभिव्यक्ति दी ज्ञानशाला संयोजक पवन श्यामसुखा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
मंच संचालन सभा के मंत्री नोरतमल चौरड़िया ने किया। त्रिदिवसीय प्रशिक्षण रतनजी सेठिया बंधु के निवास स्थल सेठिया सदन मे निर्धारित है। यह जानकारी नोरतमल चॊरडिया, मंत्री, तेरापंथी सभा, जलगांव ने दी।

