नई दिल्ली:कांग्रेस ने दावा किया है कि उन्होंने बिना किसी विवाद के एक या दो बार नहीं, बल्कि 12 बार अनुच्छेद 370 को कमजोर किया था। रविवार को पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि देश के मामलों को बातचीत से हल किया जाना चाहिए न कि विवादों से। कांग्रेस इस तथ्य को समझती है, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा नहीं। उनकी पूरी राजनीति केवल विवादों पर टिकी है। मोदी सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाया था।
- पवन खेड़ा ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस का रुख बिल्कुल भी नहीं बदला है, लेकिन हमें भाजपा सरकार द्वारा इसे हटाए जाने के तरीके पर आपत्ति है। सरकार ने जीएसटी कानून को भी सही तरीके से लागू नहीं किया। इस कारण छोटे व्यापारी और किसान बर्बाद हो गए।
- खेड़ा के मुताबिक, मोदी सरकार ने नोटबंदी लागू कर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में भी नोटबंदी हुई थी, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ, न ही कोई बैंक के बाहर लाइन में लगा था। उन दिनों 10 हजार रुपए के नोट चलन में थे, जिन पर रोक लगाई गई थी।
‘आरसीईपी समझौते से छोटे कारोबारियों को नुकसान’
क्षेत्रीय मुक्त व्यापार (आरसीईपी) समझौते पर चिंता जताते हुए खेड़ा ने कहा कि यदि भारत इस समझौते पर हस्ताक्षर करता है तो इससे छोटे किसानों, छोटे व्यापारियों और छोटे उत्पादकों को काफी नुकसान होगा। भारतीय बाजारों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध चीन के सामान देश के छोटे व्यापारियों को प्रभावित कर रहे हैं। अब सरकार चाहती है कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से भी दूध का आयात किया जाए।

