आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या शासन श्री साध्वी श्री कंचनप्रभा जी तथा शासन श्री साध्वी श्री मंजुरेखाजी के सानिध्य मे मुंबई अणुव्रत समिति का कार्यक्रम समायोजित हुआ। शासन श्री साध्वीश्री कंचनप्रभा जी ने कहा- बदलते इस परिवेश को समझने के लिए अणुव्रत ही हर समस्या का समाधान है। आचार्यश्री तुलसी ने सम्प्रदाय युक्त धर्म को प्रति पादित किया।जीवन में मानवीय मूल्य सुरक्षित कैसे रहे, इसका हर इन्सान को समुचित उपदेश दिया। पहले इन्सान इन्सान फिर हिन्दु या मुसलमान । शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने कहा अणुव्रत आत्म शोधन की प्रक्रिया है, । आचार्य तुलसी ने समय से पहले समय को जानकर उन्होने व्यसन मुक्ति का सन्देश दिया था। साध्वी उदित प्रभा जी, निर्भय प्रभाजी, चेलना श्रीजी ने गीत प्रस्तुत किया। 
तथा श्री कन्हैयालाल जी इंटोदिया को संथारे की हार्दिक बधाई है। अणुव्रत समिति मुंबई के अध्यक्ष श्री रमेश सोनी ने विचार व्यक्त करते हुए संथारा साधक कन्हैयालाल जी इंटोदिया को बधाई दी । मुंबई सभा के साथ साथ अनेक उपनगरों से श्रावक श्राविकाएं कार्यक्रम की शोमा बड़ा रहे थे। मुंबई सभा के अध्यक्ष श्री माणक धींग तथा उनकी टीम, अणुव्रत समिति और मनोहर कच्छारा, सुमन चपलोत, सुरेश महेता, रमेश राठौड़, राजेश कुमठ, भीमराज सुराणा, आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे । तेरापंथी सभा घाटकोपर के मंत्री संजय सोनी, निलेश बाफना, मनोहर गोखरू ने अपने विचार व्यक्त किए तथा इस अवसर पर कन्हैयालालजी इंटोदिया के पारिवारिकजन, महेंद्र तातेड़,राजेंद्र मुनोत, रमेश धोखा, दिलीप मेहता, मूलचन्द लोढ़ा, मंजू बड़ाला, तेरापंथी सभा, तेरापंथ ट्रस्ट, युवक परिषद, महिला मंडल घाटकोपर एवम मुंबई की सभी संघीय संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का कुशल संचालन कुमुद कच्छारा ने किया।
मुंबई सभा के उपाध्यक्ष सुरेश राठौड़ ने आभार ज्ञापन किया ।
घाटकोपर में चौविहार प्रत्याख्यान एवं अणुव्रत समिति का कार्यक्रम संपन्न

