- फिल्मः “रामायणा: राइज़ ऑफ अ लिजेंड”
- निर्देशकः नितेश तिवारी
- कलाकारः रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, रवि दुबे, रकुलप्रीत सिंह, लारा दत्ता आदि
- रेटिंग: 3.5 स्टार
रामायण एक ऐसी रचना है जिसके तमाम प्रसंग भारत के अधिकतर परिवारों को पहले से ही पता है। रही सही कसर टीवी सीरियल और पहले आ चुकी कई फिल्मों ने पूरी कर रखी है। ऐसे में नई आई फ़िल्म “रामायणा: राइज़ ऑफ अ लिजेंड” में नया क्या है, अगर इसे जानने को इच्छुक हैं तो मैं बता दूँ कि इसमें VFX के ज़रिए नया रोमांच भरा गया है, साथ कुछ और प्रसंग ऐसे हैं जो बहुत कम लोगों को पता है जैसे रावण देवताओं का दुश्मन क्यों बन गया, और इसके लिए उसे प्रेरित किसने किया आदि आदि।
रणवीर कपूर, साउथ के सुपरस्टार यश, साई पल्लवी, रकुलप्रीत सिंह सहित कई मशहूर सितारों व VFX तकनीक से सजी और नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म “रामायणा: राइज़ ऑफ अ लिजेंड” रिलीज हो चुकी है। फिल्म को लेकर लोगों की अपनी अलग-अलग राय है, लेकिन फिल्म की भव्यता, स्क्रीन पर राम, रावण सहित तमाम किरदारों की प्रजेंस काफी प्रभावी है। खासकर 3डी में इसे देखने का अनुभव अद्भुत है। रामायण जैसे महाकाव्य को 3 घंटे 15 मिनट में समेट पाना काफी मुश्किल है और यही कारण है कि रामयण को दो भागों में बनाया जा रहा है। आज हम बात कर रहे हैं इसके पहले पार्ट की।
इस फिल्म को बनाने के लिए नितेश तिवारी व उनकी टीम ने खूब मेहनत की है और उनकी मेहनत पर्दे पर दिख भी रही है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती है रामायण में अब तक देखते सुनते आ रहे तथ्यों के साथ जरा सी भी छेड़छाड़ तुरंत पकड़ में आ जाएगी और बात फिर इसी पर शुरू हो जाएगी। इसका कारण है कि देशभर के लोग बचपन से ही रामचरित मानस और रामलीलाओं के माध्यम से एक-एक तथ्य से परिचित हैं। वैसे भी भगवान राम को केंद्रित भारतीय राजनीति ने इस विषय को काफी संवेदनशील बना दिया है।
बात करें कहानी की तो पहले पार्ट की शुरुआत रावण के बचपन से होती है। असुरों के नारकीय जीवन से मुक्ति के लिए रावण की मां कैकेसी उसे प्रेरित करती है और रावण तपस्या के लिए पर्वतों के बीच जाकर घनघोर तप करता है, जहां ब्रम्हाजी प्रकट होते हैं और उसे तीनों लोकों में अजेय होने का वरदान देते हैं। फिर शुरू होती है, रामायण में आगे की कहानी। दशरथ के घर चार पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का जन्म, फिर गुरु वशिष्ट के साथ जाकर ताड़का का वध, सीता स्वयंवर, राम वनवास सहित तमाम प्रसंगों को नीतेश तिवारी ने बखूबी फिल्माया है। लेकिन इसमें कई चूक भी हुए हैं, जिसे फिल्म देखते समय आपको पता चलेगा, और उसे आप तुरंत पकड़ ही लेंगे। तो थियेटर जाकर इस फ़िल्म को देखना चाहिए ताकि 3D में रामायण जैसे महाकाव्य को एक अलग अनुभव के साथ देख सकें।
अभिनय: पहले पार्ट में रावण के किरदार में यश ने बाज़ी मार ली है। दरअसल रावण का किरदार उन्होंने बेहद शानदार ढंग से निभाया है वहीं राम बने रणवीर कपूर की सौम्यता देखने लायक है। उनकी संवाद अदायगी रामलीला की याद दिलाएगी तो सीता के किरदार में साई पल्लवी की मासूमियत और हथियार चलाना प्रभावित करता है। लक्ष्मण के किरदार में रवि दुबे का अभिनय बढ़िया है लेकिन उनके किरदार को जो उभार मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल सका है, इसलिए यह बात खटकती है। वहीं दशरथ बने अरुण गोविल, कैकसी के किरदार में शोभना, कैकेयी के रूप में लारा दत्ता, शूर्पणखा के किरदार में रकुलप्रीत सिंह व मंथरा बनी शीबा चड्ढा ने अपने अभिनय की अच्छी छाप छोड़ी है। अन्य किरदारों में विवेक ओबेरॉय, विद्युत जिव्हा, कुणाल कपूर, काजल अग्रवाल और अजिंक्य देव ने भी कोई कमी नहीं छोड़ी है। कुल मिलाकर कुछ चीज़ों को नज़रअंदाज़ कर दें तो फ़िल्म अच्छी बनी है तथा VFX ने फ़िल्म को नई ऊँचाई प्रदान की है। वैसे जब भी मौक़ा मिले एक बार इस फ़िल्म को देख आइए, छुट्टियों के इस सीज़न में थियेटर जाकर निराश नहीं होंगे।
सुरभि सलोनी की तरफ़ से “रामायणा: राइज़ ऑफ अ लिजेंड” को 3.5 स्टार।
– दिनेश कुमार

