प्रयागराज। काकोरी केस के महानायक अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को राष्ट्रीय गौरव दिलाने तथा स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) का नाम उनके नाम पर किए जाने की मांग को लेकर महुआ डाबर संग्रहालय के नेतृत्व में एसआरएन अस्पताल परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
धरना स्थल पर दिन भर बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देते रहे। लोगों ने अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा मांगों के समर्थन में नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि देश आजादी का अमृत काल मना रहा है और वर्ष 2026 ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी का वर्ष है। ऐसे में 9 अगस्त, काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस से पूर्व ठाकुर रोशन सिंह को उनके योगदान के अनुरूप राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए।
धरने को संबोधित करते हुए महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक एवं क्रांतिकारी-शहीद वंशज डॉ. शाह आलम राना ने कहा कि ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए महान क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह का रक्त प्रयागराज की कुख्यात मलाका जेल में बहा था। उस समय यह जेल संयुक्त प्रांत की ‘काला पानी’ जेल मानी जाती थी। उन्होंने कहा कि आज उसी ऐतिहासिक बलिदान स्थल पर स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय स्थापित है, जिससे उस विरासत की पहचान धूमिल हो गई है। डॉ. राना ने कहा कि महुआ डाबर संग्रहालय की मांग है कि एसआरएन अस्पताल का नाम तत्काल अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि काकोरी शताब्दी वर्ष में भी सरकारें क्रांतिकारियों के सम्मान के प्रति गंभीर नहीं होतीं तो स्वतंत्रता आंदोलन के शहीदों के प्रति औपचारिक श्रद्धांजलि का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंककर देश को स्वतंत्र कराया, आज उनकी विरासत बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के एडवोकेट अविनाश दुबे ने कहा कि बलिदान स्थल को संरक्षित करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी और जवाबदेही है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अतुल सिंह चौहान ने कहा कि बलिदान स्थलों के संरक्षण और सम्मान का कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि समाज में पर्याप्त जागरूकता होती तो गोरखपुर, गोंडा और अयोध्या की तरह प्रयागराज में भी ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस पर विशाल आयोजन होते। उन्होंने कहा कि जन-जागरण के माध्यम से ही महान क्रांतिकारी को उनका उचित सम्मान दिलाया जा सकता है।
महुआ डाबर संग्रहालय के प्रतिनिधि डॉ. अवनीश सिंह ने बताया कि अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन 8 अगस्त 2026 को अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह मलाका जेल पहुंचकर अपने लड़ाका पुरखे को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे तथा धरने को संबोधित करेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों, छात्र-युवाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे प्रातः 10 बजे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता करें तथा इस ऐतिहासिक मांग को अपना समर्थन दें। धरने में प्रमुख रूप से निशांत मोदनवाल, हिमांशु सिंह, बालाजी दिनकर, सात्विक सिंह, दीपांश यादव, राघव सिंह, हर्ष मिश्रा, शेर सिंह यादव, आदि पटेल, अमित गिरी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
एसआरएन अस्पताल का नाम अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर किए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी
Highlights
- 8 अगस्त को मलाका जेल पहुंचकर अपने लड़ाका पुरखे को नमन करेंगे ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह, धरने को भी करेंगे संबोधित

