लाडनूं। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी ने शुक्रवार को प्रातःकालीन मुख्य मंगल प्रवचन कार्यक्रम में उपस्थित चतुर्विध धर्मसंघ को आज के निर्धारित विषय ‘संवेग से क्या मिलेगा?’ को आगम के माध्यम से वर्णित करते हुए कहा कि 84 लाख जीव योनियों में भटकने के बाद जीव को मनुष्य गति प्राप्त होती है।
शास्त्रों में वर्णित चार दुर्लभ बातों में मनुष्यत्व, धर्म श्रवण, धर्म पर श्रद्धा और संयम में पराक्रम को बताया गया है। मानव जीवन को प्राप्त कर आदमी को मोक्ष प्राप्ति का प्रयास करना चाहिए। आत्मा शाश्वत तत्त्व है। पुनर्जन्म की बात भी बताई गई है। शरीर का विनाश होता है, किन्तु आत्मा शाश्वत है। आत्मा को छेदा नहीं जा सकता, काटा नहीं जा सकता, जलाया नहीं जा सकता और भिंगोया भी नहीं जा सकता।
जीव की चार गतियां बताई गई हैं- देव गति, मनुष्य गति, तिर्यंच गति और नरक गति। इसमें पांचवीं गति की बात जाए तो सिद्ध गति कही जा सकती है। मोक्ष की प्राप्ति हो जाने के बाद जीव को भी वापस आना नहीं होता। आज तक अनंत बार जीवों ने जन्म-मरण कर लिया है। मोक्ष की अभिलासा से आदमी अनुत्तर धर्म श्रद्धा को प्राप्त कर सकता है। जब आदमी की श्रद्धा प्रगाढ़ हो जाए तो बड़ी बात हो सकती है।
कहीं ऐसा अवसर आए कि प्राण छोड़ना हो और धर्म को छोड़ना हो तो अनुत्तर श्रद्धा वाला आदमी मृत्यु का चुनाव कर सकता है, किन्तु धर्म को नहीं छोड़ता। संवेग के द्वारा अनुत्तर धर्म श्रद्धा की प्राप्ति हो जाती है। श्रावकों में भी अच्छी धर्म श्रद्धा हो सकती है। आदमी की जहां भी आस्था हो, राग-द्वेष की भावना से दूसरों के धर्म, आस्था आदि के संदर्भ में गलत नहीं बोलना चाहिए। किसी की अवहेलना न हो। श्रावक में धार्मिक श्रद्धा रखने का प्रयास करना चाहिए। श्रद्धालु किसी भी परिस्थिति में धर्म, श्रद्धा व आस्था के प्रति अडिग रहे, ऐसा प्रयास होना चाहिए।
मंगल प्रवचन के उपरान्त आचार्यश्री ने चारित्रात्माओं की जिज्ञासाओं के भी उत्तर प्रदान किए। आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कुटुंब प्रबोधन के अखिल भारतीय संयोजक डॉ. रवींद्र जोशी ने आचार्यश्री के दर्शन करने के उपरान्त अपनी भावों को अभिव्यक्ति दी। आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में नवी मुम्बई के पूर्व सांसद श्री संजीव नाईक ने अपनी अभिव्यक्ति देते हुए मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्म, आस्था व श्रद्धा के प्रति अडिग रहे श्रद्धालु : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण
Highlights
- आचार्यश्री ने ‘संवेग से क्या मिलेगा’ विषय को किया व्याख्यायित
- आरएसएस के कुटुंब प्रबोधन के अखिल भारतीय संयोजक डा. रविन्द्र जोशी ने लिया शांतिदूत से मंगल आशीर्वाद
- नवी मुम्बई के पूर्व सांसद श्री संजीव नाईक ने दी अभिव्यक्ति, प्राप्त किया मंगल आशीष

