फल खाना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है, यह तो हम सभी जानते हैं। मगर छिलकों को हम कूड़ेदान में फेंक देते हैं। जबकि छिलकों में भी सेहत का खजाना छिपा होता है। अगली बार जब आप केला खाएं तो उसका छिल्का फेंके नहीं। संतरे और मौसमी के छिल्के को भी सहेजकर रख लें। हो सके तो लहसुन, कद्दू और आलू छिल्का सहित खाने की कोशिश करें। दरअसल, जापान सहित दुनिया के विभिन्न देशों में हुए शोध में फल-सब्जी के छिल्कों को डिप्रेशन से लेकर दिल की बीमारियों से बचाव तक में कारगर पाया गया है। त्वचा को मुलायम, दाग रहित और चमकदार बनाने में छिल्कों की भूमिका पहले से ही जगजाहिर है।
नाशपाती : ब्रिटेन स्थित रॉयल सोसायटी ऑफ मेडिसिन के शोध के मुताबिक नाशपाती का छिल्का विटामिन-सी और फाइबर के अलावा ‘ब्रोमलेन’ का बेहतरीन स्रोत है। यह एंजाइम चयापचय क्रिया दुरुस्त रखने के साथ ही पेट में मौजूद मृत ऊतकों के शरीर से बाहर निकलने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है और लिवर रोग को रखता है दूर। ऐसे करें इस्तेमाल : नाशपाती छिलका सहित खाना पसंद नहीं करते तो उसका जूस, शेक या सूप बनाकर पी सकते हैं।
केला : ताइवान की चुंग शान मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोध में केले के छिलके में ‘फील गुड’ हार्मोन सेरोटोनिन की मौजूदगी दर्ज की गई, जो बेचैनी-उदासी का भाव घटाता है। इसमें ‘ल्यूटिन’ नामक एंटीऑक्सीडेंट भी पाया गया, जो आंखों में मौजूद कोशिकाओं को अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाकर मोतियाबिंद की आशंका में कमी लाता है। ऐसे करें इस्तेमाल : केले के छिलके को दस मिनट तक साफ पानी में उबालें। पानी ठंडा होने के बाद इसे छानकर पी लें।
लहसुन : ‘द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन’ में छपे एक जापानी शोध में लहसुन के छिलके में ‘फिनायलप्रॉपेनॉयड’ नाम के एंटीऑक्सीडेंट की उपलब्धता का दावा किया गया है। यह रक्तचाप के साथ ही लो-डेन्सिटी लाइपोप्रोटीन (एलडीएल) यानी ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ के स्तर में कमी लाकर हृदयरोग और स्ट्रोक से बचाता है। ऐसे करें इस्तेमाल : सुबह खाली पेट दो कली बिना छिलका उतारें चबाएं। सब्जी-चटनी में छिलका सहित डालें।
कद्दू : अमेरिका के एरिजोना कैंसर सेंटर के एक रिसर्च में कद्दू के छिलके में मौजूद ‘बीटा कैरोटीन’ फ्री-रैडिकल्स का खात्मा कर कैंसर से बचाव में मददगार होता है। जिंक की मौजूदगी नाखून को मजबूत बनाने के अलावा अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा कोशिकाओं की रक्षा करती है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी कारगर। ऐसे करें इस्तेमाल : छिलका मुलायम हो तो सब्जी के साथ पकाएं। और अगर कड़ा हो तो छीलकर धूप में सुखाएं। ओवन में भूनकर चिप्स के रूप में खा सकते हैं।
संतरा-मौसमी : रॉयल सोसायटी ऑफ मेडिसिन के शोध के मुताबिक इन फलों के छिलके में ‘सुपर-फ्लैवोनॉयड’ मौजूद होता है। जो ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ के स्तर में कमी लाता है। ऐसे करें इस्तेमाल : सब्जी-सूप में छिलका कद्दूकस करके डाल सकते हैं। केक-मफिन भी अच्छा विकल्प। जूस भी पी सकते हैं।
आलू : ‘जर्नल ऑफ मेडिकल प्लांट्स’ में छपे शोध की मानें तो एक बड़े आलू का छिलका रोजाना जरूरी जिंक, आयरन, विटामिन-सी, पोटैशियम की खुराक पूरा करता है। ऐसे करें इस्तेमाल : आलू की सब्जी छिलका सहित बनाएं। बारीक काटकर गर्म पानी-नमक के घोल में रखें। चिप्स बनाएं।
डिप्रेशन, दिल की बीमारी से बचाते हैं फल-सब्जी के छिलके, जानें इसके बारे में

