नई दिल्ली:राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता बुधवार सुबह ‘गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गई और लगातार आठवें दिन ‘बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह आठ बजकर 41 मिनट पर 399 दर्ज किया गया। 0-50 श्रेणी में वायु गुणवत्ता सूचकांक को ‘खराब, 51-100 में ‘संतोषजनक, 101-300 में ‘मध्यम, 201-300 में ‘खराब, 301-400 में ‘बेहद खराब और 401-500 में ‘गंभीर माना जाता है। वहीं, 500 से ऊपर के एक्यूआई को ‘अति गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण लाखों लोगों की आयु कम हो गई है और लोगों का ‘दम घुंट’ रहा है। कोर्ट ने पराली जलाने पर रोक लगाने के आदेश के बावजूद हरियाणा में ऐसी घटनाएं बढ़ने को लेकर उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को फटकार लगाई। दिल्ली में जल और वायु प्रदूषण के मुद्दों पर ‘आरोप-प्रत्यारोप’ के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की थी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने का मौसम लगभग खत्म हो गया है लेकिन हवा की गति कम होने और तापमान गिरने से वायु की गुणवत्ता खराब होने का अंदेशा था। निजी मौसम पूर्वानुमान स्काइमेट वेदर में वैज्ञानिक महेश पलावत ने कहा कि यह दिखाता है कि मौसम की स्थितियां हवा को साफ रखने में बहुत अहम भूमिका निभाती हैं। पराली जलाना खत्म हो गया है।
दिन पर दिन खराब होती जा रही दिल्ली की आबोहवा

