मुंबई। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा निर्देशित श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिला मंडल चेंबूर द्वारा आयोजित प्रेक्षा प्रवाह – शक्ति और शांति की ओर मातृत्व कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका विषय ‘मातृत्व है एक वरदान – रखना हर हाल में इसका ध्यान’ था।
साध्वी श्री कंचन प्रभा जी के सानिध्य में प्रेक्षा ध्यान कल्याण वर्ष के अंतर्गत श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिला मंडल, चेंबूर द्वारा “मातृत्व कार्यशाला” का आयोजन एक आत्मिक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। कार्यशाला का उद्देश्य था-गर्भावस्था के दौरान महिला के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक पक्ष को संतुलित करते हुए भावी संतान के संस्कारों की नींव मजबूत करना।
कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी श्री कंचन प्रभा जी ने नमस्कार महामंत्र से की और मंडल की बहनों ने प्रेरणा गीत के मधुर स्वर में हुई, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। साध्वी मंजू रेखा जी ने मुख्य वक्तव्य में मातृत्व के सात प्रमुख बिंदुओं को सरल और भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया। जिनका विचार बिंदुओं में शामिल थे 1. मां की सोच, जीवनशैली और व्यवहार का गर्भस्थ शिशु पर प्रभाव 2.कोख को मंदिर समान मानना 3. धर्म, ध्यान और आस्था का महत्व 4.मातृत्व को एक साधना और संस्कार देने की प्रक्रिया मानना आदि।
“Motherhood Journey – Emotional Wellness” और “Nutritional Harmony for Divine Child” जैसे विषयों को सरल उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित बहनों को अपने अनुभवों से जुड़ाव महसूस हुआ। कार्यशाला की विशेष प्रस्तुति रहा मूक नाटक, जिसमें मां की सोच, आहार, और धर्म–ध्यान का प्रभाव चित्रात्मक ढंग से दर्शाया गया। बहनों ने इस दृश्य को अत्यंत सराहनीय बताया। गीत प्रस्तुति, प्रेरक वीडियो क्लिप और एक्टिविटी राउंड ने कार्यशाला को और भी जीवंत बनाया। विशेष रूप से “गर्भ से ही संस्कार” विषय पर आधारित रोल-प्ले और क्विज़ में बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला का संचालन श्रीमती बेला डांगी द्वारा अत्यंत कुशलता से किया गया और अंत में श्रीमती रेखा डागलिया ने सबका आभार व्यक्त किया।
– रिपोर्ट दीपक राठौड़
चेंबूर महिला मंडल द्वारा शक्ति और शांति की ओर मातृत्व कार्यशाला का आयोजन

