मुंबई। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला* मंडल के निर्देशानुसार तेरापंथ महिला मंडल चेंबूर द्वारा आचार्य श्री महाश्रमणजी के विदुषी सुशिष्या मुनिश्री शासन श्री कंचन प्रभा जी के सानिध्य मे प्रेक्षा प्रवाह: शांति एवं शक्ति की ओर कार्यशाला टॉपिक अर्हत मंत्र प्रेक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र से साध्वी जी कंचन प्रभा जी ने की। महिला मंडल की बहनों द्वारा प्रेक्षाध्यान गीत का संगान किया गया। महिला मंडल अध्यक्षा मनीषा जी कोठारी ने स्वागत वक्तव्य से सभी का स्वागत किया।
साध्वी श्री कंचन प्रभा जी ने बताया कि अर्हत मंत्र आत्मा को जाग्रत करने वाला मंत्र है। प्रेक्षा ध्यान हमें अपने भीतर झांकना सिखाता है। जब मंत्र और ध्यान का संगम होता है, तो शक्ति शांति में बदल जाती है। “णमो अरिहंताणं” -यह केवल ध्वनि नहीं, बल्कि भीतर की चेतना को जागाने का मार्ग है। प्रेक्षा प्रवाह उसी शक्ति को शांति में परिवर्तित करने की साधना है। कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी श्री मंजू रेखा जी ने किया ।और साध्वी श्री उदित प्रभा जी ने कार्योत्सर्ग का अभ्यास करवाया, जिससे शरीर की शिथिलता दूर होकर चेतना जागृत हुई।
प्रेक्षा प्रशिक्षक मीना जी साबद्रा ने अर्हत मंत्र प्रेक्षा की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह साधना आत्मा की शुद्धि और आंतरिक जागरण का माध्यम है। प्रेक्षा प्रशिक्षक ऊषा जी कच्छारा द्वारा ‘अर्हम’ की दिव्य ध्वनि का प्रयोग ऐसा हुआ कि सम्पूर्ण वातावरण अर्हममय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। कार्यक्रम का आभार ज्ञापन उपाध्यक्ष श्रीमती विशाखा जी बापना ने भावपूर्ण शब्दों में करते हुए सभी प्रशिक्षकों, अतिथियों व सहभागियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में बहनों की सराहनीय उपस्थिति रही।


