By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • national
  • state
  • social
  • entertainment
  • local
  • Video
  • E-Magazine
Reading: भारत से बांधों के मामले में कहीं पीछे है चीन
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • national
  • state
  • social
  • entertainment
  • local
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
Articles

भारत से बांधों के मामले में कहीं पीछे है चीन

Last updated: December 15, 2018 11:57 am
Surabhi Saloni
Share
4 Min Read
प्रतीकात्मक तस्वीर
SHARE

संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बुधवार को बांध सुरक्षा विधेयक-2018 पेश किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य भारत में बांधों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी और संस्थागत कार्ययोजना मुहैया कराना है। भारत में बांधों की सुरक्षा के लिए कानून की कमी के कारण यह चिंता का मुद्दा है। बांधों का निर्माण वैसे भी देश में बड़ी बहस का मसला बनता रहा है। हालांकि सच्चाई यह भी है कि देश के तेज विकास के लिए ऊर्जा जरूरतें पूरी करनी होंगी। इसके लिए बांध बनाने ही होंगे लेकिन परिस्थिति की संतुलन को भी बनाए रखना जरूरी है।
बांधों के मामले में भारत तीसरा सबसे बड़ा देश
अमेरिका और चीन के बाद सबसे बड़े बांध भारत में हैं। यहां 5,200 से अधिक बड़े बांध हैं और लगभग 450 निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा हजारों मध्यम और छोटे बांध हैं।
ये हैं प्रावधान
यह विधेयक वर्तमान में मौजूद सलाहकार निकाय के रूप में मौजूद केंद्रीय बांध सुरक्षा संगठन (सीडीएसओ) और राज्य बांध सुरक्षा संगठन (एसडीएसओ) की जगह प्रत्येक राज्य के लिए नियामक निकाय के रूप में एक राज्य बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एसडीएसए) और एक राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एसडीएसए) की स्थापना सुनिश्चित करता है। एनडीएसए दिशानिर्देशों का एक ढांचा स्थापित करेगा, जिसके अनुसार बांधों की सुरक्षा को बनाए रखा जाना है। इस विधेयक में बांधों का निर्माण करने वाली कंपनियों को लापरवाही के लिए और सुरक्षा मानदंडों का पालन न करने पर दंडित करने के प्रावधान भी शामिल है।
सुरक्षा बिल क्यों है जरूरी
भारत के 75 फीसद बड़े बांध 25 वर्ष से अधिक पुराने हैं। 164 बांध सौ साल से भी अधिक पुराने हैं। पूर्व में अलग-अलग समय पर देश के भीतर 36 बांधों के टूटने से न केवल पर्यावरणीय क्षति हुई बल्कि हजारों लोगों की जान भी जा चुकी है। इनमें राजस्थान के ग्यारह, मध्य प्रदेश के दस, गुजरात के पांच, महाराष्ट्र के चार , आंध्र प्रदेश के दो और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु ओडिशा के एक-एक बांध शामिल हैं। 1979 में गुजरात में स्थित मच्छू -2 बांध के टूटने से 1,800 लोगों की मौत हो गई थी।
राज्य क्यों हैं विरोध में
कानून बनने के बाद प्रत्येक राज्य में स्थित बांधों की सुरक्षा के लिए एसडीएसए स्थापित किया जाएगा। एक राज्य के स्वामित्व वाले बांध, जो किसी अन्य राज्य में स्थित हैं, या केंद्रीय लोक सेवा उपक्रमों (सीपीएसयू) के अंतर्गत आने वाले बांध या वो बांध जो दो या दो से अधिक राज्यों में फैले हैं, सभी एनडीएसए के अधिकार क्षेत्र में होंगे। इसी कारण से तमिलनाडु जैसे राज्यों को ओर से विधेयक का विरोध किया जा रहा है। क्योंकि यह राज्य केरल में कई बांधों का प्रबंधन करता है, मुल्ला पेरियार बांध उनमें से एक है। विरोध करने वाले राज्यों को डर है कि यह विधेयक उनकी शक्ति कमजोर करेगा।
2014 में तमिलनाडु और केरल सुप्रीम कोर्ट में गए थे। तमिलनाडु अपने यहां बांधों की जल भंडारण क्षमता में वृद्धि करना चाहता था, जबकि केरल ने सुरक्षा का हवाला देते हुए विरोध किया था। चूंकि जल राज्य का विषय है, लिहाजा कांग्रेस, तेदेपा, अन्नाद्रमुक और बीजद जैसे राजनीतिक दलों ने भी इस विधेयक का विरोध किया है।

Thanks:www.jagran.com

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article सुप्रीम कोर्ट जांच एजेंसी नहीं, सिर्फ जेपीसी कर सकती है राफेल डील की जांच: खड़गे
Next Article नीबू और शहद से चमकेगी आपकी त्वचा

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

मुक्ति के रूप में कृति सेनन ने अपनी पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में मजबूत की जगह
entertainment
February 18, 2026
ऋषभ शेट्टी एक अभिनेता, लेखक और निर्देशक के रूप में इंडियन सिनेमा में हैं अनोखी मिसाल
entertainment
February 18, 2026
केजीएफ स्टार यश को पत्नी राधिका पंडित ने कहा, “हर दिन मुझे चुनने के लिए धन्यवाद।”
entertainment
February 18, 2026
“फेक बोलने वालों को बैंक स्टेटमेंट दिखा दूँगा”, टॉक्सिक के ₹120 करोड़ वाले सौदे पर दिल राजू का जवाब
entertainment
February 18, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form id=”847″]

Follow US
© 2023 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
adbanner
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?