सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: ‘भारत और पाकिस्तान में दुश्मनी है SAARC के नहीं फलने-फूलने की अहम वजह’
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
world

‘भारत और पाकिस्तान में दुश्मनी है SAARC के नहीं फलने-फूलने की अहम वजह’

Last updated: December 25, 2019 9:17 am
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
SHARE

ढाका:बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन ने कहा है कि दक्षेस के नहीं फलने-फूलने की मुख्य वजह भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता है। हालांकि, उन्होंने ‘बिमस्टेक और बीबीआईएन जैसी अन्य क्षेत्रीय पहल के बारे में आशा जताई। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के सदस्य देशों के बीच सहयोग एवं समन्वय के अभाव को लेकर इस महीने की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान द्वारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने के बाद मोमेन की यह टिप्पणी आई है।

मोमेन ने ‘नेपाल-बांग्लादेश यात्रा कार्यक्रम-2019 के समापन समारोह में विदेशी पत्रकारों के एक समूह से यहां कहा कि दक्षेस का फलना-फूलना भारत और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी की वजह से बाधित हुआ। इस कार्यक्रम की मेजबानी यहां बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने की।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा, ”आप जानते हैं कि दक्षेस फल- फूल नहीं रहा, इसकी एक मुख्य वजह भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता है लेकिन बीबीआईएन (बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल) तथा बिमस्टेक (बहु क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) को बेहतर काम करना चाहिए। हमें कड़ी मेहनत करने की जरूरत है और उस प्रक्रिया में चीजें बेहतर तरीके से काम करनी चाहिए।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ हफ्ते पहले कहा था कि दक्षेस देशों के बीच व्यापक समन्वय के लिए भारत की कोशिशों को आतंकवाद के खतरों और हरकतों से बार-बार चुनौती मिली है। पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्कों से क्षेत्र को पेश आ रही सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र करते हुए भारत पिछले तीन बरसों में दक्षेस से अपनी दूरी बना रहा है। आखिरी बार दक्षेस शिखर सम्मेलन 2014 में काठमांडू में हुआ था जिसमें मोदी शरीक हुए थे।

वर्ष 2016 का दक्षेस सम्मेलन इस्लामाबाद में होना था। लेकिन उस साल जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय थल सेना के एक शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने मौजूद परिस्थितियों के मद्देनजर सम्मेलन में भाग लेने से मना कर दिया था। इसके बाद, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद सम्मेलन में शामिल होने से मना कर दिया। दक्षेस शिखर सम्मेलन आमतौर पर दो साल के अंतराल पर होता है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article टेरर फंडिंग केस: आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ सुनवाई दो जनवरी तक टली
Next Article 95वीं जयंती: ‘सदैव अटल स्मारक’ पहुंच राष्ट्रपति कोविंद-पीएम मोदी ने पूर्व PM अटल को दी श्रद्धांजलि

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

सोनिया गांधी का संस्मरण 10 नवंबर को होगा जारी
social
October 22, 2026
शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन नवकार धाम में माँ भगवती पद्मावती का भव्य महापूजन
social
October 22, 2026
अखंड साधना के 30 वर्ष, गुरु-कृपा, संकल्प और निःस्वार्थ सेवा की मिसाल
social
October 22, 2026
करण टैकर ने स्कॉटलैंड में शुरू की नए प्रोजेक्ट की शूटिंग!
entertainment
October 22, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?