इस्लामाबाद:पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि बालाकोट हवाई हमले और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के साथ जम्मू-कश्मीर को विभाजित करने के दो घटनाक्रमों का दक्षिण एशिया की भूराजनीतिक स्थिति पर लंबे समय तक असर पड़ेगा।
पाकिस्तानी सेना के शोध जर्नल ‘ग्रीन बुक 2020 में एक लेख में जनरल बाजवा ने कश्मीर को ‘परमाणु युद्ध को निमंत्रण देने वाला केंद्रबिंदु (न्यूक्लियर फ्लैश-प्वाइंट) बताया। इस जर्नल को पाकिस्तान के उच्च शिक्षा आयोग की मान्यता प्राप्त है। जर्नल के प्रमुख संरक्षक होने के नाते जनरल बाजवा ने इसके पहले पेज पर एक ‘नोट में अपने विचार लिखे हैं।
पाक सेना प्रमुख ने कहा, ”2019 में दो घटनाक्रम हुए जिनका इस क्षेत्र की भूराजनीतिक स्थिति पर दीर्घकालिक असर पड़ेगा। पहला भारतीय वायु सेना द्वारा 26 फरवरी को किया गया गैर जरूरी बालाकोट हवाई हमला और दूसरा 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 और 35ए समाप्त करना।”
बाजवा ने कहा, युद्ध की कोशिश
बाजवा ने आगे लिखा, ”पहला कदम परमाणु शक्ति के तहत युद्ध के लिए जगह बनाने और बाध्यताएं थोपने की कोशिश थी, जिसे पाकिस्तानी वायु सेना ने अगले दिन ही उसी ताकत से जवाब देकर खारिज कर दिया। बाजवा ने लिखा, ”दूसरा फैसला, व्यापक तौर पर दुनिया की ओर से निंदा के बावजूद (कश्मीर के) 80 लाख से अधिक मुस्लिमों के जीवन को परेशान कर रहा है।”
फिर परमाणु हमले की धमकी
बाजवा ने कहा, ”कश्मीर परमाणु युद्ध को निमंत्रण देने का केंद्रबिंदु बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय नियमों की पूरी तरह अवहेलना करते हुए (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने न केवल अपने सन्निकट पड़ोस को खतरे में डाला है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए जोखिम बढ़ा दिया है।
भारत कर चुका साफ- 370 आतंरिक मामला
गौरतलब है कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने साफ कर चुका है कि अनुच्छेद 370 समाप्त करना उसका आंतरिक विषय है। उसने पाकिस्तान को भी हकीकत स्वीकार करने और सारे भारत विरोधी दुष्प्रचारों को बंद करने की नसीहत दी है।

