नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या सामान्य जनजीवन के बाद खेलों पर भी बुरा असर डाल रही है. शहर में 15 नवंबर से वुमंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप शुरू हो रही है. अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (AIBA) के इस टूर्नामेंट से पहले कई महिला बॉक्सर दिल्ली की जहरीली हवा को लेकर चिंतित हैं. हालांकि, भारतीयों की मेहमाननवाजी ने उन्हें सहज किया हुआ है.
बुल्गारिया की 2014 की 57 किग्रा वर्ग में विश्व चैंपियन स्टेनिमारा पेत्रोवा ने कहा, ‘हम अच्छा महसूस नहीं कर रहे. कहीं और की तुलना में यहीं वायु बदतर है. सांस लेने में हमें थोड़ी दिक्कत हो रही है. इस वायु गुणवत्ता में यहां ट्रेनिंग करना मुश्किल है.’ यूरोपीय चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अजिजे निमानी ने भी पेत्रोवा की बात दोहराई. कोसोवो में जन्मीं निमानी ने कहा, ‘यह मेरी पहली भारत यात्रा है. ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि यह थोड़ा अधिक स्वच्छ होनी चाहिए थी. हालांकि, यहां के लोग काफी अच्छे हैं.’
ओलंपिक क्वालीफायर 2016 के 51 किग्रा वर्ग में एमसी मैरीकोम को हराने वाली निमानी ने स्वीकार किया कि सांस लेने में दिक्कत हो रही है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि टूर्नामेंट के लिए काफी समय पहले आ जाने के कारण वे सामंजस्य बैठा लेंगी. विश्व चैंपियनशिप 2016 की रजत पदक विजेता स्टायका पेत्रोवा ने कहा कि यह मुद्दा नहीं होगा क्योंकि वायु गुणवत्ता सभी के लिए समान है. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह (वायु गुणवत्ता) समस्या है.’
पंजाब और हरियाणी में पराली जलाने से दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र की वायु गुणवत्ता पर असर पड़ा है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद लोगों ने दिवाली पर जमकर पटाखे चलाए, जिससे स्थिति और खराब हो गई.
चैंपियनशिप शुरू होने से पहले ही बना रिकॉर्ड
70 देशों की 300 बॉक्सरों ने इंदिरा गांधी स्टेडियम कॉम्पलेक्स में स्थित केडी जाधव हॉल में होने वाली इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की पुष्टि कर दी है. यह इस चैंपियनशिप के लिहाज से एक रिकॉर्ड है. जर्मनी, अमेरिका, इंग्लैंड, यूक्रेन, पनामा, आस्ट्रेलिया, थाईलैंड, बुल्गारिया, सोमालिया सहित कुल 16 देशों की बॉक्सर कंडीशंस के साथ तालमेल बनाने के लिए निर्धारित समय से पहले भारत पहुंच रही हैं. इसमें भारत की अगुवाई पांच बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम करेंगी.

