नयी दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वह पिछले 20 दिनों से सदन से गायब हैं और उनमें संसद में आकर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं है। श्री गांधी ने बुधवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि विपक्ष को श्री शाह का भाषण नहीं, बल्कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के सवालों के जवाब चाहिए। उन्हें संसद में आने की हिम्मत दिखानी चाहिए लेकिन ऐसा लगता है कि गृहमंत्री को अपनी छवि की ज्यादा चिंता है इसलिए वह सदन में आने से बच रहे हैं।
उन्होंने कहा ‘सच यही है कि अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है। उनके अंदर संसद आने की हिम्मत ही नहीं है। वे 20 दिनों से गायब हैं। यहां बैठे थे, गाड़ी आती थी, जाती थी। उनके काफिले में करीब 30 गाड़ियां चलती हैं और उनके घर के सामने हजारों पुलिस वाले खड़े रहते हैं, इस डर से कि कहीं कोई बच्चा न आ जाए। अब जबरन उस गुब्बारे में फिर से हवा भरने की कोशिश की जा रही है, लेकिन गुब्बारा फट चुका है। श्री शाह में कोई साहस नहीं बचा है। देश के गृह मंत्री सदन में नहीं आ सकते। श्री शाह के यह कहने से कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, विपक्ष की मांग नहीं बदलती।’
विपक्ष के नेता ने स्पष्ट करते हुए कहा ‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी और मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। बाकी विपक्ष ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि हम श्री शाह का भाषण सुनने में रुचि नहीं रखते। हम उनका भाषण या चर्चा नहीं चाहते। हम एक साधारण सवाल का जवाब चाहते हैं। हमारे छात्रों पर गोली किसने चलाई। गोली चलाने का आदेश किसने दिया। किसने एक छात्र की आंख की रोशनी छीनी। किसने एक छात्र के कान में गोली मारी। कीलों वाली लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया।’
श्री गांधी ने दावा किया कि यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा की गयी। उन्होंने कहा, ‘क्या अमित शाह ने हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं। अगर उन्होंने दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वह इसके लिए जिम्मेदार हैं। अगर उन्होंने आदेश नहीं दिया था तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वह अक्षम हैं।’
उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब अमित शाह बोलते हैं तो पत्रकार उन्हें बीच में नहीं रोकते, लेकिन विपक्षी नेताओं को लगातार बाधित किया जाता है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, ‘जब वे बोलते हैं तो आप उन्हें इंटरप्ट करते हैं। हमें 24 घंटे इंटरप्ट करते हैं, मगर उनको कभी इंटरप्ट नहीं करते। उनमें क्या खास चीज है कि पूरा मीडिया चुपचाप उनके सामने खड़ा रहता है।’ श्री गांधी ने कहा कि जब देश के छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्री अमित शाह से नहीं डर रहे हैं तो मीडिया को भी डरना नहीं चाहिए।
झारखंड में छात्रों के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर भाजपा के सवाल के जवाब में श्री गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं झारखंड पर चुप नहीं हूं। मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से कहा है कि हम अपने छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं करते हैं। मैं चुप नहीं हूं, खुलकर बोल रहा हूं।’
अमित शाह 20 दिनों से संसद से गायब, उनमें छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहींः राहुल गांधी

