काबुल:अमरिकी सेंट्रल कमांड के शीर्ष जनरल केनेथ एफ मैकेंजी ने कहा है कि जब तक कि तालिबान यह स्पष्ट नहीं करता है कि वे अब अल-कायदा लड़ाकों का समर्थन नहीं करता तब तक वह 2021 के मध्य तक अफगानिस्तान से पूरी तरह से अमेरिकी टुकड़ी की वापसी की सिफारिश नहीं करेंगे। कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच इस वर्ष 29 फरवरी को हुए शांति समझौते के तहत जुलाई तक अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति को लगभग 8,600 तक कम करना है।
अमेरिकी सेना का स्वतंत्र समाचार स्रोत ‘स्टार्स एंड स्ट्राइप्स’ ने जनरल मैकेंजी के हवाले से कहा कि अमेरिका के लिए मुख्य खतरा तालिबान नहीं हैं, बल्कि वे सेनाएँ हैं जिन्हें वे अफगानिस्तान से संचालित करने की अनुमति देते हैं। उन्होंने बुधवार (10 जून) को कहा कि तालिबान को फरवरी के समझौते में उन शर्तों को पूरा करना बाकी है, जिनमें आतंकवादी समूहों पर नकेल कसना शामिल है।
जनरल मैकेंजी ने कहा कि अगर इस्लामवादी मिलिशिया ऐसा करना चाहते हैं, तो मई 2021 तक अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की पूर्ण वापसी की सिफारिश करना आरामदायक होगा। जनरल मैकेंजी की टिप्पणी उन खबरों की पृष्ठभूमि में है जिसमें दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की है कि पेंटागन तीन नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों से पहले अफगानिस्तान से पूर्ण सैन्य वापसी की योजना को अंतिम रूप दे।
वहीं, तालिबान ने अफगानिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वार्ता के लिए अपना एजेंडा तैयार करना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को लेकर चल रही प्रकिया में इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बातचीत के लिए अभी तारीख निर्धारित नहीं है, लेकिन इस साल की शुरुआत में हुए अमेरिका-तालिबान समझौता को आगे बढ़ाने के लिए वॉशिंगटन के शांति दूत की क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ गई है।
अमेरिकी दूतावास के एक बयान के मुताबिक तालिबान के साथ अमेरिका का समझौता कराने में जलमय खलीलजाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व से बैठकें करने के लिए वह सप्ताहांत में पाकिस्तान में थे। बहरहाल, तालिबान के अधिकारियों ने बताया कि तालिबान नेतृत्व परिषद वार्ता की शुरुआत के लिए तैयारियों के तहत अपने सदस्यों से प्रस्ताव ले रही है।

