श्रीनगर:आर्टिकल 370 को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित राज्य में विभाजित करने के सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शऩ कर रहे सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बेटी और बहन समेत करीब दर्जन भर महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला की बहन सुरैया और उनकी बेटी साफिया महिला कार्यकर्ताओं की समूह को लीड कर रही थीं, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
ब्लैक आर्म बैंड पहने और तख्तियां पकड़े हुए महिला प्रदर्शनकारियों को पुलिस कर्मियों द्वारा इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी गई थी। बता दें कि ये सभी राज्य से आर्टिकल 370 हटने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में बांट जाने के फैसले का विरोध कर रही थीं। होर्डिंग्स के साथ ये महिलाएं लाल चौक पर इकट्ठा हुई थीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अलग-थलग किया और दर्जन भर महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
बता दें कि कश्मीर घाटी में पोस्ट पेड मोबाइल सेवा बहाल होने के कुछ ही घंटों बाद एहतियात के तौर पर एसएमएस सेवा बंद कर दी गयी। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कश्मीर में सोमवार को दोपहर में 72 दिनों बाद पोस्ट पेड मोबाइल सेवा बहाल कर दी गयी थी जबकि इंटरनेट अभी भी बंद है। अधिकारियों ने बताया कि शाम 5 बजे एसएमएस सेवा बंद कर दी गयी।
अधिकारियों ने बताया कि 25 लाख से अधिक प्रीपेड मोबाइल फोन और व्हाट्सएप्प समेत अन्य इंटरनेट सेवाएं फिलहाल बाधित रहेंगी। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को कहा था कि इंटरनेट सेवाएं जल्दी ही बहाल की जाएंगी लेकिन सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इसमें दो महीने का समय लग सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रीपेड सेवाओं पर फैसला अगले महीने लिया जा सकता है। कश्मीर में 5 अगस्त को मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था जब केंद्र सरकार ने राज्य का विशेष दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। जम्मू में प्रतिबंध के कुछ दिनों बाद ही संचार सेवाएं बहाल कर दी गयी थी और अगस्त मध्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी शुरू कर दी गयी थीं। 18 अगस्त को मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी।
आर्टिकल 370 हटाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं फारूक अब्दुल्ला की बेटी और बहन को हिरासत में लिया

