ठाणे। अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी के तत्वावधान में एवं अणुव्रत समिति, मुंबई – क्षेत्र ठाणे के द्वारा अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत दिनांक 6 अक्टूबर, मंगलवार को अनुशासन दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम क्रिएटिव एकेडमी, सावरकर नगर, ठाणे (पश्चिम) में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति क्षेत्र ठाणे के संयोजक श्री भंवरदास वैष्णव जैन ने अणुव्रत टीम के साथ अणुव्रत गीत के संगान से किया। सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्होंने ‘अनुशासित बनें, नशा मुक्त भारत बनाएं’ का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता, उपाध्यक्ष श्री अशोक जी इटोदिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सबसे जरूरी है। समय पर उठना, समय पर पढ़ना और बड़ों का आदर करना ही अनुशासन है। अनुशासित व्यक्ति ही नशा, मोबाइल की लत और बुरी आदतों से बच सकता है। नशा इंसान के शरीर, मन और परिवार – तीनों को तोड़ देता है। इसलिए अणुव्रत आंदोलन कहता है – “नशा छोड़ो, अनुशासन जोड़ो।”
सह-संयोजक श्री सुभाष जी हिंगड़ ने बच्चों को नशा छोड़ो, अनुशासन जोड़ो, जीवन को नया मोड़ दो”का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन जॉन प्रभारी श्रीमती विमला हिरण ने किया। उन्होंने बताया कि नशा जीवन बर्बाद करता है और अनुशासन जीवन को मंजिल की ओर ले जाता है।
अणुव्रत कार्यकर्ता श्रीमती प्रिया मुथा ने सभी का आभार व्यक्त किया और सभी को संकल्प दिलाया कि हम सब मिलकर नशा मुक्त, संस्कारी और अनुशासित समाज बनाएंगे। श्री श्याम दास जी ने सभी को अनुशासन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सागर सर, सानवी टीचर सहित क्रिएटिव एकेडमी के सभी बच्चे उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम उपाध्यक्ष श्री अशोक जी इटोदिया, संयोजक श्री भंवरदास वैष्णव जैन,सह-संयोजक श्री सुभाष जी हिंगड़, जॉन प्रभारी श्रीमती विमला हिरण, श्रीमती प्रिया मुथा, श्री श्याम दास जी तथा अणुव्रत कार्यकर्ताओं के विशेष सहयोग से सफल हुआ।
अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत ठाणे में अनुशासन और नशा मुक्ति दिवस का आयोजन

