नैतिकता ईमानदारी और प्रमाणिकता ये ऐसे गुण हैं, जिससे अच्छा इंसान बनता है। मानव जीवन अनेक गुणों का संगम होता है, जिसकी सकारात्मक सोच व्यक्तित्व को निखारती है। अच्छे इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है ना कि वेषभूषा से। वाणी का माधुर्य व्यक्तित्व सर्वोच्य शिखर पर चढ़ता है। क्यों की अल्फाज़ो में जान होती हूँ।
ये सुंदर सुविचार दर्शन सेवा करने आए आईजी अनुराग जी और एसपी मनोज राय जी को धर्म उपदेश देते हुए शांतिदूत, महातपस्वी, युगप्रधान, अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी के सु शिष्य मुनि श्री अर्हत कुमार जी ने मां भगवती पैलेस में कही।
मुनि प्रवर ने बात आगे बढते हुए फरमाया जीवन में विनम्रता व्यक्ति के नये नये सपनों को उजागर करती है। इंसान की सोच बदलती है तो सितारों को चूम सकती है। कुछ नया प्राप्त करने के लिए उत्साह और उमंग होनी चाहिए। आई जी और एस पी जी को आशीर्वाद देते हुए मुनि श्री ने कहा अच्छा इंसान भाग्य के भरोसे ना रह कर अपने जज्बे से नई कहानी लिखते हैं। आपको अपने जीवन में कुछ नया करने के लिए अध्यात्म को अपनाकर जीवन में नई ऊंचाई प्राप्त करे। आईजी अनुराग जी ने कहा मुनि श्री के दर्शन सौभाग्य से प्राप्त हुए। जैन मुनि धरती पर भगवान के संदेश देने वाले हैं। मुनि श्री के आशीर्वाद से मेरा जरूर भला होगा।
इस मोके पर मुनि भरत कुमार जी. मुनि जयदीप कुमार जी, जेलर ललित दीक्षित, टी आई विक्रम धारवे, यश पटेल, सुनील काला, सेवाप्रभारी देवनारायण जैन, नरेश चंद त्रिपाठी, भवरलाल काशिद, कई पुलिस अधकारी आदि मोजूद थे।

