रॉकिंग स्टार यश ने खुलकर बताया कि वक्त के साथ उनके नजरिए में कितना बदलाव आया है। कभी यश की सोच थी कि ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जिन्हें दर्शक अपने माता-पिता के साथ आराम से बैठकर देख सकें। लेकिन अब उनका नजरिया काफी बदल चुका है। ‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा के साथ बातचीत के दौरान यश ने माना कि समय के साथ उनकी सोच में 100 प्रतिशत बदलाव आया है। अपने बदले हुए नजरिए पर बात करते हुए यश ने कहा, “मैं 100 प्रतिशत बदला हूं। इंसान बदलता है। अगर कोई कहता है कि मैं 20 साल में नहीं बदला, तो वो झूठ बोल रहा है।” यश ने समझाया कि बदलाव इंसान की फितरत का हिस्सा है और वक्त के साथ हमारी सोच, मान्यताएं और नजरिया बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा, “इवॉल्यूशन इंसानी नेचर का हिस्सा है। हर कोई बदलता है। जिस चीज पर आप 10 साल पहले विश्वास करते थे, आज वो चीज अलग हो सकती है।”
एक्टर ने आगे कहा कि सिर्फ सालों में ही नहीं, बल्कि कुछ दिनों या मिनटों में भी इंसान की सोच बदल सकती है। उन्होंने कहा, “जिस चीज के बारे में आप एक हफ्ते पहले सोचते थे, वो भी बदल सकती है। 10 मिनट पहले मैं सोच रहा था कि मैं हिंदी कैसे बोलूं? और अब मैं हिंदी बोल रहा हूं। ऐसा होता है। यही जिंदगी है। ये बदलती रहती है।” यश के लिए यह बदलाव उनके सिनेमा और कहानी कहने के अंदाज में आए बदलाव को भी दर्शाता है। वक्त के साथ उन्होंने ऐसे किरदारों और कहानियों को एक्सप्लोर किया है, जो शायद उस सोच की सीमाओं में फिट न बैठें, जिसे उन्होंने कभी अपने सिनेमा के लिए तय किया था। गीटू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ दुनिया भर में 26 अगस्त 2026 को रिलीज होने के लिए तैयार है।
यश ने ‘टॉक्सिक’ के प्रमोशन के दौरान दिए पुराने बयान पर की बात, बोले- “इंसान बदलता है”

