युगप्रधान। आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री कुलदीप कुमार जी स्वामी एवं मुनि श्री मुकुल कुमार जी के निर्देशन में तेरापंथ भवन कांदिवली मे तेरापंथ आद्यप्रवर्तक महामना आचार्य श्री भिक्षु का 300 वां जन्मदिवस व 266 वां बोधि दिवस मनाया गया। 
इस अवसर पर श्रावक समाज को संबोधित करते हुए मुनिश्री कुलदीप कुमार जी ने आचार्य भिक्षु के जीवन वृत्तांत को सुनाया और कहा कि आचार्य भिक्षु संघ पुरुष थे, सिंहपुरुष थे उनका व्यक्तित्व,कृतित्व और नेतृत्व अध्यात्म का अत्तुंग शिखर था।
ऐसे महामानव शताब्दियों में अवतरित होते हैं। मुनि श्री मुकुल कुमार जी ने कहा आचार्य भिक्षु अभ्यर्थना ज्ञान,आराधना से होनी चाहिए। भिक्षु विचार दर्शन का अध्ययन नवसंजीवन दे सकता है। इस उपलक्ष्य में रात्रि कालीन भिक्षु भजन संध्या का आयोजन किया गया। 
कार्यक्रम कि शुरुआत भारती जी सेठीया द्वारा मंगलाचरण संघान से किया गया।
इस अवसर पर आचार्य श्री भिक्षु पर गीत, भजनों व संगीतमय रचनाओं ने श्रद्धालुओं के मन में आचार्य श्री भिक्षु के जन्म एवं जीवन के आदर्शों की स्मृति ताजा कर दी।
निशा दुगड़,विनित सिंघवी,राकेश सिंघवी, भिक्षु भक्ति संयोजक अशोक जी हिरण व रोहित बोहरा,पलक हिरण,आशीष श्रीश्रीमाल,भारती खाब्या,तारा जी धाकड़, भारती जी सेठिया,तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद ने सामुहिक संघान से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन तेयुप अध्यक्ष राजेंद्र दुगड़ ने किया।

