चेन्नई। तेरापंथ धर्मसंघ के 11 वें आचार्य श्री महाश्रमणजी का अपनी धवल सेना के साथ चातुर्मासिक परिसम्मपन्नता के बाद 24-11-2018 को सुबह लगभग 08.15 बजे माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर चेन्नई से रेड हिल्स की ओर होने जा रहा है।
अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य महाश्रमणजी की अहिंसा यात्रा सदभावना, नैतिकता, नशामुक्ति के त्रिआयामी उद्देश्यों के साथ, दिल्ली के लाल किले से 09 नवंबर 2014 को शुरु होकर अनेकों राज्यों व नेपाल, भूटान, सिक्किम आदि देशों से होती हुई, 21 जुलाई को 2018 के चातुर्मास हेतु माधावरम्, चेन्नई पहुंची। चातुर्मास के दौरान धर्म – ध्यान, तप – त्याग की गंगा बहने लगी। आचार्य महाश्रमण जी द्वारा 11-11-2018 को 23 दीक्षा प्रदान कर एक अनोखा इतिहास रचाया।
17 वें प्रेक्षा इन्टरनैशनल
शिविर में रूस, स्वीडन, यूक्रेन, सिंगापुर, फांस इत्यादि देशों से 73 विदेशी साधक संभागी बने। परमाराध्य आचार्य प्रवर धवल सेना के साथ विहार करते हुए रेड हिल्स, अम्ब्तूर, विल्लिपुर्ंम, पान्डचेरी, तिरची, तिरपूर,सेलम, कोइम्बटुर, कन्याकुमारी होते हुए 20 जून 2019 तक बंगलूर चातुर्मास हेतु पहुँचेंगे।

