मुंबई। महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाण श्री के पावन सान्निध्य में अक्षय तृतीया समारोह प्रसन्नता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर साध्वीश्री की सहवर्ती साध्वी मुदितप्रभाजी के दूसरे वर्षीतप एवं श्राविका कमलादेवी लोढ़ा (खारघर) ने 26 वां वर्षीतप पूर्ण किया। काल ‘अक्षय तृतीया’ के संदर्भ में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने कहा- इस अवसर्पिणी के आदि तीर्थकर ऋषभ के प्रथम पारणे का उत्सव है- अक्षय तृतीया । पात्रदान की महिमा का पर्व है अक्षय तृतीया । श्रेयांसकुमार ने शुभ स्वप्न देखा और उस पर मनन करते हुए उसे दान का रहस्य समझ आता है। उसने भगवान को इक्षु रस का दान देकर इसे अमर पर्व बना दिया।
साध्वी मुदितप्रभाजी ने प्रबल मनोबल से यात्रा, सेवा ‘आदि के साथ दूसरा वर्षीतप सानंद संपन्न किया है। मैं उन्हें सौ सौ साधुवाद देती हूं। साध्वी डा. योगक्षेमप्रभाजी ने अपने संयोजकीय वक्तव्य में भगवान ऋषभ के संदर्भ में भाव प्रकट किए व साध्वी मुदितप्रभाजी को साधुवाद दिया।
साध्वी लावण्यप्रभाजी व साध्वी कुंदनयशाजी ने अक्षय तृतीया के संदर्भ भाव व्यक्त करते हुए साध्वी मुदितप्रभाजी को हार्दिक बधाई दी। साध्वी मधुरप्रभाजी ने साध्वीप्रमुखा श्री विश्रुतविभाजी के
मंगल संदेश का वाचन किया। घाटकोपर प्रवासित शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी व शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी आदि के बधाई संदेश का वाचन ते.सभा के कोषाध्यक्ष तेजराजजी बम्बोली ने किया। सभा के अध्यक्ष रमेशजी धोका ने आदि तीर्थपति भ. ऋषभ की अभ्यर्थना की। तेयुप अध्यक्ष हिमांशु गन्ना व तेरापंथ महिला मंडल चेंबूर अध्यक्षा ममता कच्छरा ने अपने उद्गार व्यक्त किए। तेरापंथ सभा एवं तेरापंथ महिला मंडल ने ‘अक्षय तीज’ के उपलक्ष में गीत का संगान किया। साध्वीवृंद में समवेत स्वरों में गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। श्रीमती कमलादेवी ने साध्वी श्री को इक्षुरस बहराकर कृतार्थता की अनुभूति की। तेरापंथ महिलामंडल कीओर से तपस्वी बहन का सम्मान किया गया।
रिपोर्टर दीपक राठौड़
साध्वी मुदितप्रभाजी ने किया दूसरा वर्षीतप

