कराची: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपने दौर में मैच फिक्सिंग को स्वीकार किया। शोएब ने एक इंटरव्यू में कहा- एक वक्त था जब मैं 21 खिलाड़ियों के खिलाफ खेलता था। इनमें 11 विपक्षी टीम के और 10 मेरी टीम के थे। खुद कभी इस गंदगी (मैच फिक्सिंग) में शामिल नहीं हुआ। मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर के बारे में शोएब ने कहा कि वे इन दोनों प्लेयर्स को मारने गए थे, लेकिन ये मिल नहीं पाए। आमिर अब भी पाकिस्तान टीम में हैं।
शोएब हाल ही में एक टॉक शो ‘रिवाइंड विथ समीना पीरजादा’ में शामिल हुए। इस दौरान मैच फिक्सिंग का भी जिक्र हुआ। शोएब ने कहा, “मैंने हमेशा यही सोचा कि अपने मुल्क को धोखा नहीं दूंगा। कभी मैच फिक्सिंग जैसे अपराध में शामिल नहीं हुआ। वो भी तब जबकि मेरे चारों तरफ मैच फिक्सर्स बैठे होते थे। सच्चाई ये है कि मैं 22 प्लेयर्स के खिलाफ खेलता था। 11 विपक्षी टीम के होते थे और 10 मेरी टीम के। आप कह नहीं सकते थे कि कौन मैच फिक्सिंग नहीं कर रहा है।”
आसिफ ने मानी थी मैच फिक्सिंग की बात
पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर अक्सर मैच या स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगते रहे हैं। इस बारे में शोएब ने कहा, “मैं आपको ब्रेकिंग न्यूज दे रहा हूं। मोहम्मद आसिफ ने मुझे बताया था कि उन्होंने कितने और कैसे मैच फिक्स किए। आमिर ने भी यही किया। मैं तो इन दोनों को मारने गया था। जब ये नहीं मिले तो दीवार पर मुक्के मारकर उसे तोड़ दिया। पाकिस्तान के दो प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज आमिर और आसिफ इसी अपराध की वजह से बेकार हो गए। पाकिस्तान के मैच फिक्स करने वाले खिलाड़ियों ने मुल्क को धोखा दिया। उसे बेचा। ये अपराध है। इनका इंसाफ ऊपर वाला करेगा।”
सलीम मलिक, सलमान बट ने भी फिक्सिंग की थी
पाकिस्तान के कई खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे हैं। इनमें सलीम मलिक, मोहम्मद आसिफ, सलमान बट, शर्जील खान और मोहम्मद आमिर के नाम प्रमुख हैं। आमिर ने 2017 में वापसी की थी। वे चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली पाकिस्तानी टीम के सदस्य थे। उन्होंने हाल ही में टेस्ट से संन्यास लिया था। इस पर शोएब ने उन्हें कोसा भी था।

