नई दिल्ली: पाकिस्तान द्वारा करतारपुर गरूद्वारे के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं पर लगाई बीस डॉलर की फीस को केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने बेहद शर्मनाक बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि करतारपुर साहिब में दर्शन के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों से 20 डॉलर की फीस लेना आस्था के नाम पर कारोबार करने जैसा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इसे एक कारोबार की तरफ देखना शुरू किया है।
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट के ज़रिये पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से अपील की है, मैं इमरान ख़ान से पाकिस्तान सरकार द्वारा करतारपुर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं पर लगाई 20 डॉलर फीस को माफ करने की अपील करता हूं जिससे वे इस पावन स्थल के ‘खुले दर्शन दीदार’ कर सकें। समूचा सिख भाईचारा इस नेक कदम के लिये पाकिस्तान का आभारी होगा
आपको बात दें कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने करतारपुर साहिब में दर्शन को लेकर कहा था कि इस फीस से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हरसिमरत कौर ने पाकिस्तान के इस फैसले को लेकर सोशल साइट्स पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है. जिसमें वह कह रही हैं कि आखिर कोई गरीब श्रद्धालु दर्शन के लिए इतनी बड़ी रकम का भुगतान कैसे कर सकता है।
कैप्टन सिंह ने एक बयान में कहा कि करतारपुर में गुरू नानक देव अंतिम समय में रहे । फीस लागू करने के साथ-साथ पासपोर्ट आवयश्क होना तथा श्रद्धालुओं द्वारा तीस दिनों से पहले का नोटिस देना आदि शर्तें श्रद्धालुओं के सपने को साकार करने में रुकावट पैदा करेंगी। श्रद्धालुओं में बहुत से गरीब हैं जो यह फीस देने के समर्थ नहीं हैं और गुरू साहिब के दीदार को बेताब हैं । लोगों को इस ऐतिहासिक गुरूद्वारे के ‘खुले दर्शन’ के मौके से वंचित न किया जाये। उन्होंने कहा कि करतारपुर गलियारे के निमार्ण का मंतव्य पहले सिख गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं को मुफ़्त प्रविष्टि की सुविधा प्रदान करना है और यह शर्तें इस मंतव्य की पूर्ति में रुकावट पैदा करती हैं।
करतारपुर परियोजना 9 नवंबर को जनता के लिए खोली जाएगी : इमरान खान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को घोषणा करते हुए कहा कि करतारपुर परियोजना अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 9 नवंबर को जनता के लिए खोली जाएगी। इमरान ने कहा, “करतारपुर परियोजना पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और पाकिस्तान दुनिया भर के सिखों के लिए अपने दरवाजे खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है।” प्रधानमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि जैसा कि पहले वादा किया गया था, यह परियोजना 9 नवंबर को जनता के लिए खोली जाएगी। उन्होंने कहा, “दुनिया के सबसे बड़े गुरुद्वारे में भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों से सिख (श्रद्धालु) आएंगे।”

