मुंबई। अणुव्रत समिति मुंबई द्वारा आयोजित उदबोधन सप्ताह के अंतर्गत दक्षिण मुंबई के बाल सुधार कारागार (जेल) में शासन श्री साध्वीश्री कैलाशवतीजी की सहवर्ती साध्वियों के सानिध्य में नशा मुक्ति का कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 1 अक्टूबर को रखा गया।

साध्वी शारदाप्रभा जी ने बाल गृह में लगभग 180 बच्चों को अणुव्रत और नशा मुक्त रहने की प्रेरणा देते हुए कहा बच्चों का जीवन अति पावन लगता है,सबको मनभावन लगता है, इनका तन मन को देखकर यह बच्चे देखने में अपराधी नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसा लगता है सही ढंग से बच्चों का पोषण नहीं होता या फिर गलत संगत में हिंसा के प्रांगण में बच्चों को आना पड़ता है। एक झूठ बोलकर सो झूठ की शरण कम पड़ती है,अणुव्रत का अर्थ समझाते हुए कहा कि नशा जीवन को बर्बाद कर देता है,आहार शुद्धि घटती जा रही है और नशा बढ़ता जा रहा है। जब व्यक्ति का खानपान अच्छा नहीं होता तब अपराध वृत्ति जन्म लेती है,जब वह समस्याओं से गिर जाता है तब वह टेंशन को दूर करने के लिए नशा करता है आज फैशन बन चुका है नशा ।लेकिन नशा एक आग है,जो जीवन रूपी सूरत को जला डालती है। आज नहीं सुधरा तो तू अंतकाल तक पछताएगा। आज नशा को जो खाता है कल तुझको नशा खाएगा। अंत में नशा मुक्त रहने,झूठ चोरी ना करने के संकल्प कराए।
साध्वी श्री सम्यक्तवयशा जी ने अपने विचार रखते हुए नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी और कहानी के द्वारा बच्चों को नशा मुक्ति की प्रेरणा दी। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति एवं महिला मंडल की बहनों ने मिलकर अणुव्रत गीत के द्वारा मंगलाचरण किया।मुंबई अणुव्रत समिति के अध्यक्ष रमेश चौधरी ने स्वागत करते हुए सभी को नशा मुक्त जीवन जीने के लिए बताया।निवर्तमान अध्यक्ष गणपत डागलिया,क्षेत्रीय संयोजक मदन दुग्गड ने अपने विचार रखे व दिनेश धाकड़ ने नशा मुक्ति पर कविता प्रस्तुत की। बाल गृह के सुप्रिडेंट कंट्रीकर साहब,गायक जी नायक साहब ने अपने विचार रखे। क्षेत्रीय सहसंयोजिक़ा पुष्पा कच्छारा कार्यक्रम का कुशल संचालक किया।
कार्यक्रम में महिला मंडल से उर्मिला कच्छारा, रुक्मण कच्छारा, श्वेता सुराणा, लतिका डागलिया, शर्मिला धाकड़, रेनू डागलिया, सुमन कावड़िया, शिल्पा मेहता, मीना दूगड़, नरेंद्र पोरवाल, सुखलाल सियाल, रमेश राठौड़, बंसीलाल धाकड उपस्थिति रही। यह जानकारी नितेश धाकड़ ने दी।
अणुव्रत उद्बोधन सप्ताहः दक्षिण मुंबई के बाल सुधार कारागार में साध्वीवृंद ने किया ‘नशा मुक्ति’ कार्यक्रम

