नवरात्रि में छोटी कन्याओं की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन दिनों में कन्याओं को सुंदर चीजें भेंट करने से देवी बहुत जल्दी प्रसन्न होती हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप माना जाता है, इसीलिए नवरात्रि में इनकी भी पूजा की जाती है। नौ दिनों तक कन्याओं को अलग-अलग चीजों की भेंट देना चाहिए, जानिए किस दिन कौन सी चीज का दान करें…
- नवरात्रि का पहला दिन
पहले दिन कन्याओं को भेंट में फूल देना शुभ होता है। साथ ही, कोई एक श्रृंगार सामग्री अवश्य दें। यदि आप मां सरस्वती को प्रसन्न करना चाहते है तो सफेद फूल माता को चढ़ाएं।
- नवरात्रि का दूसरा दिन
दूसरे दिन कन्याओं को फल देकर इनकी पूजा करें। यदि आप मां दुर्गा की कृपा से सभी सुख-सुविधाएं पाना चाहते हैं तो लाल या पीला रंग के फल कन्याओं को दें। ध्यान रखें कि फल खट्टे नहीं होना चाहिए।
- नवरात्रि का तीसरा दिन
नवरात्रि के तीसरे दिन कन्याओं को मिठाई देना चाहिए। इस दिन कन्याओं को अपने घर में खीर, हलवा या केशरिया चावल खिलाएंगे तो बहुत शुभ रहता है।
- नवरात्रि का चौथा दिन
चौथे दिन कन्याओं को वस्त्र देने का महत्व है। अपनी इच्छा के अनुसार कन्याओं को पूरी ड्रेस दे सकते हैं। यदि आप पूरी ड्रेस नहीं सकते हैं तो रूमाल या रंग-बिरंगे रीबन भी दिए जा सकते हैं।
- नवरात्रि का पांचवां दिन
पांचवें दिन छोटी कन्याओं को पांच प्रकार की श्रृंगार सामग्री देना चाहिए। इनमें बिंदिया, चूड़ी, मेहंदी, बालों के लिए क्लिप्स, सुगंधित साबुन, काजल, नेलपॉलिश, पावडर आदि चीजें दी जा सकती हैं।
- नवरात्रि का छठा दिन
छठे दिन बच्चियों को ऐसी खेल और मनोरंजन की सामग्री देना चाहिए, जिससे उनका मन प्रसन्न हो।
- नवरात्रि का सातवां दिन
सातवें दिन मां सरस्वती की कृपा पाने के लिए कन्याओं को शिक्षण सामग्री देनी चाहिए। पेन, स्केच पेन, पेंसिल, कॉपी, ड्राइंग बुक्स, वॉटर बॉटल, कलर बॉक्स, लंच बॉक्स आदि चीजें दी जा सकती हैं।
- नवरात्रि का आठवां दिन
नवरात्रि के आठवें दिन का महत्व काफी अधिक होता है। इस दिन यदि किसी छोटी कन्या का सुंदर श्रृंगार अपने हाथों से किया जाए तो देवी मां प्रसन्न होती हैं। इस दिन कन्या के पैरों की पूजा दूध से करनी चाहिए। पैरों पर चावल, फूल और कुंकुम लगाना चाहिए। कन्या को भोजन कराएं। पूजा में दक्षिणा अवश्य दें।
- नवरात्रि का अंतिम दिन
नवरात्रि के अंतिम दिन खीर-पूरी कन्या को खिलानी चाहिए। उनके पैरों में महावर और हाथों में मेहंदी लगाने से देवी पूजा पूरी होती है। यदि घर पर हवन का आयोजन किया है तो कन्याओं के हाथों से हवन समिधा अवश्य डलवाएं। कन्याओं को इलायची और पान का सेवन कराना चाहिए। नवरात्रि के अंतिम दिन कन्याओं को लाल चुनरी भेंट में देना चाहिए। दुर्गा चालीसा की पुस्तकें भेंट करें। लाल रंग की ड्रेस उपहार में देना चाहिए। नवरात्रि में इस प्रकार पूजा करने से देवी प्रसन्न होती हैं और वर्षभर के लिए सुख, समृद्धि, यश और सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं।

