ज्ञानशाला के बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने सबका मन मोहा
जलगाव। शांतिदूत ,आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री निर्वाण श्री जी के पावन सान्निध्य में ज्ञानशाला दिवस का भव्य आयोजन अणुव्रत भवन में आज किया गया । जलगांव ज्ञानशाला के साथ-साथ इस अवसर पर भुसावल ज्ञानशाला के बच्चों की भी प्रस्तुतियां हुई । भावपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं द्वारा अर्हं वंदना के साथ हुआ।
ज्ञानार्थी, प्रशिक्षिकाओं, अभिभावको एवं समाजबंधुओं को संबोधित करते हुए विदुषी साध्वी श्री निर्वाणश्रीजी ने कहा – ज्ञानशाला हमारे समाज का बहुउपयोगी आयाम है। प्रति रविवार इन बच्चों को संस्कार के साथ ज्ञान दिया जाता है। आज की इन प्रस्तुतियों से यह प्रतिध्वनित हो रहा है कि वे यहां बहुत कुछ सीख रहे हैं। आज भुसावल एवं जलगांव ज्ञानशाला दोनों ज्ञानशालाओ के बच्चों ने सुंदर एवं आकर्षक प्रस्तुतियां दी हैं।
प्रबुद्ध साध्वीश्री डा. योगक्षमप्रभाजी ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में कहा – ज्ञानशाला समाज के लिए वरदान है। कोरी पुस्तकीय शिक्षा न देकर उसमें व्यवहार विज्ञान के साथ सद्गुणों की शिक्षा दी जाती है। मेरा आवाहन उन अभिभावकों से है जो अभी भी उदासीन है।उज्जवल दिशा की परिकल्पना ज्ञानशाला के माध्यम से साकार होगी। साध्वी लावण्यप्रभाजी , कुंदनयशाजी , मुदितप्रभाजी व मधुरप्रभाजी ने ‘फले सकल अरमान’ गीत की समवेत स्वारो में प्रस्तुति दी।
अभिव्यक्ति के क्रम में सभा अध्यक्ष माणकचंदजी बैद, ज्ञानशाला संयोजक पवन सामसुखा, प्रभारी नम्रता सेठिया, रिया डोशी आदि ने अपने विचार प्रकट किए। भुसावल ज्ञानशाला से आस्था छाजेड़ आदि ने महावीर अष्टकम की शुद्ध प्रस्तुति दी। प्राय: सभी बच्चों ने समवेत स्वरों में ” सपनों को सच करें ” गीत की लाजवाब प्रस्तुति दी। जलगांव ज्ञानशाला से जनक छाजेड़ , शौर्य छाजेड़ ने ज्ञानशाला बच्चों को ज्ञानशाला में आने की रिक्वेस्ट की। प्रतिक्रमण, अर्हत् वंदना, 25 बोल आदि के स्पष्ट व शुद्ध कंठीकरण करने के लिए भावेश नोरतमल जी चोरडिया, अंशुल शुभकरण जी छाजेड़, दिव्य सुरेंद्र जी छाजेड का विशेष उल्लेख किया गया व उन्हें पुरस्कृत किया गया।
प्रस्तुति के क्रम में ज्ञानशाला राजधानी एक्सप्रेस, 25 बोल से 5 बोल पर परिचय विद पीपीटी तथा एक्शन सोंग ने सबको भाव विभोर कर दिया, इस अवसर पर शिशु संस्कार बोध परीक्षाओं मे व अन्य प्रतियोगिता में अव्वल रहने वालों बच्चो को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन प्रशिक्षिका श्रीमती मंजूषा डोसी ,प्रशिक्षिका जयश्री कुचेरिया ने कुशलता पूर्वक किया। राजधानी ट्रेन की एनाउंसर की भूमिका श्रीमती मोनिका जी छाजेड ने सुंदर ढंग से निभाई। कार्यक्रम के प्रारंभ में साध्वी मधुरप्रभाजी ने सस्वर भक्तामर पाठ करवाया। धन्यवाद ज्ञापन प्रशिक्षिका उमा सांखला ने किया। यह जानकारी तेरापंथी सभा, जलगांव के मंत्री नोरतमल चोरडिया ने दी।
ज्ञानशाला दिवस पर जलगांव में भव्य आयोजन

