मुम्बई। साध्वी श्री अणिमा श्री जी साध्वी श्री मंगल प्रज्ञा जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन थाना में 260 वा तेरापंथ स्थापना दिवस एवं रात्रि में भव्य भिक्षु भक्ति संध्या का समायोजन किया गया। मराठी फिल्म निर्माता एवं अभिनेता विराग मधुमालती वानखेड़े ने भक्ति का समा बांध दिया। साध्वी श्री अणिमा श्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा तेरापंथ में आचार्य भिक्षु ने आज के दिन तेरापंथ रूपी नन्हे से बीज का बपन किया था भिक्षु गण की यशस्वी आचार्य परंपरा ने उस बीज को सिंचन दिया पल्लवित पुष्पित किया आचार्य तुलसी आचार्य महाप्रज्ञ जी एवं आचार्य महाश्रमण जी के शासनकाल में नन्हा सा बीज सतशाखी बनकर आप और हम सब को शीतल छाया प्रदान कर रहा है आचार्य भिक्षु की समता व क्षमता की कहानी है आचार्य भिक्षु की श्रद्धा व आस्था की कहानी है आज तेरापंथ जिन शासन के गगन में महा सूर्य बनकर चमक रहा है।
साध्वी श्री मंगल प्रज्ञा जी ने कहा आज का दिन अज्ञान से ज्ञान की ओर प्रस्थान करने का दिन है आचार्य भिक्षु दृढ़ संकल्प के धनी हिमालय पुरुष थे। साध्वी श्री सुधा प्रभा जी ने कहा कि आचार्य भिक्षु की भगवान महावीर के प्रति प्रबल भक्ति ही तेरापंथ के रूप में प्रवाहित हुई। साध्वी श्री मैत्रीप्रभा जी ने संचालन करते हुए कहा कि आचार्य भिक्षु निःस्पृहता के शलाका पुरुष थे। साध्वी श्री कर्णिका श्री जी ने आचार्य भिक्षु को दिव्य महापुरुष बताया। साध्वी श्री समतव्यशा जी ने कहा की तेरापंथ आचार्य भिक्षु के बलिदान की कहानी है ।
श्रीमती प्रिया श्रीश्रीमाल तेरापंथी सभा के मंत्री श्री जितेन्द्र जी बरलोटा ने अपने भाव प्रकट किए रात्रि कालीन धर्म जागरण के अंतर्गत भिक्षु भक्ति संध्या का शानदार आयोजन हुआ जिसमें मराठी फिल्म अभिनेता विराग मधुमालती वानखेड़े ने भिक्षु भजनों एवं तेरापंथी गीत द्वारा परिषद में जबरदस्त समा बांध दिया वही उभरते हुए कलाकार पार्श्व दुग्गड मिष्टी बापना लविशा दुग्गड़ स्वरों के जलवे बिखेरे देवीलाल श्री श्रीमाल ने जानकारी देते हुए बताया कि विराग वानखेडे एवम वंदना वानखेड़े के अनुरोध को स्वीकार करते हुए साध्वी अणिमा जी जी ने दोनों को गुरु धारणा करवाई और वानखेड़े दंपति ने आचार्य श्री महाश्रमण जी को गुरु रूप में स्वीकार किया। कार्यक्रम में अर्जुन सिंघवी अनिता धारीवाल ने विचार व्यक्त किए विमल गादिया ने मंच संचालन किया। यह जानकारी प्रमोद सूर्या ने दी।

