ठाणे। साध्वी श्री अणिमाश्री जी एवं साध्वी मंगलप्रज्ञाजी के सान्निध्य में साध्वीवृंद की प्रेरणा से ठाणा तेरापंथ सभा भवन में प्रज्ञा अवतार आचार्य महाप्रज्ञजी की जन्मशताब्दी के शुभारंभ पर ऊँश्री महाप्रज्ञ गुरवे नमः सत्ताइस करोड़ का जप अनुष्ठान प्रारंभ हुआ एवं सामूहिक आयंबिल तप अनुष्ठान हुआ। जिसमें श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया एवं तप जप के इस महायज्ञ में आहूति देकर अपने आराध्य को श्रद्धा का आर्ध्य समर्पित किया।
सभाध्यक्ष श्री देवीलालजी श्रीश्रीमाल ने कहा तप की प्रबल प्रेरणास्रोत साध्वी श्री अणिमाश्री जी एवं साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी व साध्वीवृंद की प्रेरणा से चार सौ आयम्बिल हुए। तेरापंथ भवन में एक साथ पौने दो सौ आयम्बिल का भव्य नजारा पहली बार देखने को मिला। यह सब आचार्य महाप्रज्ञ के दिव्य आशीर्वाद, गुरुदेव की ऊर्जा एवं साध्वीश्रीजी की प्रेरणा का फल है। उसी की बदौलत यह जप-तप का अनुष्ठान हुआ है।
मंत्री जितेंद्र जी बरलोटा ने कहा – श्रद्धा नए इतिहास का सृजन करती है। उम्मीद से ज्यादा आयम्बिल एवं सत्ताइस करोड़ का जप अनुष्ठान श्रद्धा की ही निष्पत्ति है।
साध्वी श्री अणिमाश्री जी ने मंगल उद्बोधन में कहा आचार्य महाप्रज्ञजी 20वीं सदी के विलक्षण, दुर्लभ एवं प्रज्ञापुंज आचार्य थे। हम सबको उनकी जन्म शताब्दी मनाने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ है। उनके गौरव को गुंजित करने एवं उनकी कीरत को चिंहुदिक फैलाने का हमारा दायित्व है। तप-जप के द्वारा हम उनकी अभिवंदन करें। हमने जन्मशताब्दी पर सत्ताइस करोड़ का जप अनुष्ठान एवं आयम्बिल तप करवाने का निर्णय किया है।
साध्वी श्री ने कहा – मुझे कहते हुए हार्दिक प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है कि मुंबई महानगर के विनित श्रावक-श्राविकाओं ने हमारी प्रेरणा को स्वीकार किया एवं अब तक लगभग ढाई हजार भाई-बहन जप महाप्रज्ञ से जुड़ चुके हैं। आयम्बिल तपो महाप्रज्ञ में लगभग चार सौ भाई-बहनों ने जन्म शताब्दी के प्रथम दिन तप की आहूति दी। जप-तप, ज्ञान, ध्यान के द्वारा ज्ञान चेतना वर्ष मनाएं एवं आस्था का भक्तिमय उपहार समर्पित करते रहें। साध्वी मंगलप्रज्ञा एवं साध्वीवृंद की प्रेरणा इस अनुष्ठान को और अधिक प्राणवत्ता प्रदान कर रही है।
ठाणा सभा, तेयुप ठाणा सिटी, तेयुप कोपरी, तेयुप ठाणा सेंट्रल, तेयुप वागले इस्टेट एवं महिला मंडल के सक्रिय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं तथा भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट का कार्यक्रम की सफलता मे सराहनीय सहयोग रहा।
महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी पर सत्ताइस करोड़ का जप अनुष्ठानएवं आयम्बिल तप का भव्य कार्यक्रम समायोजित हुआ

