श्रीनगर:जम्मू-कश्मीर में करीब 275 आतंकवादी सक्रिय हैं। इनमें से 75 विदेशी, जबकि अन्य स्थानीय आतंकी हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकियों की संख्या क्षेत्र में तेजी से कम हो रही है। डीजीपी के मुताबिक, ”पिछले साढ़े पांच महीने में सिर्फ 40 स्थानीय ही आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं, जो कि पहले के मुकाबले में आधे से भी कम है।”
वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर लोक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत मुकदमा चलाने का मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया।
सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों का इस्तेमाल समाज के लिए नुकसानदेह है और राज्य की पुलिस नशीले पदार्थों की बिक्री या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि में लिप्त लोगों पर नकेल कसने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।
डीजीपी ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिसकर्मी अपराध और आतंकवाद से मुकाबले के लिए अपने पेशेवर कौशल को और बेहतर बनाने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि पुलिस को लोगों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध रखने चाहिए लेकिन अपराधियों के खिलाफ सख्ती से पेश आना चाहिए।
आतंकवाद के खिलाफ नई मोदी सरकार की ‘कतई बर्दाश्त न करने की नीति
इस बीच, मोदी सरकार अपनी दूसरी पारी में आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति के साथ ही अवैध अप्रवासियों पर नजर रखने पर खास ध्यान देगी। इसके साथ ही वह देश भर में एनआरसी को लागू करने और जम्मू कश्मीर में धारा 35ए रद्द करने जैसे कदम भी उठा सकती है।भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को हाल में हुए लोकसभा चुनावों में शानदार सफलता मिली है और भाजपा को 303 सीटें मिली हैं। नरेंद्र मोदी गुरुवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।
आम चुनावों से पहले जारी भाजपा के “संकल्प पत्र” के मुताबिक मोदी के “निर्णायक नेतृत्व” ने पिछले पांच सालों में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों में “मौलिक बदलाव” लाया है और उनकी सरकार अगले पांच सालों में आतंकवाद कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएगी। इसमें कहा गया, “हमारे सुरक्षा सिद्धांत सिर्फ हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों से निर्देशित होंगे। हमने यह सर्जिकल स्ट्राइक और हाल में की गई एयर स्ट्राइक से दर्शाया भी है।” इसके मुताबिक, “हम आतंकवाद और उग्रवाद ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति दृढ़ता से कायम रखेंगे और आतंकवाद से लड़ने के लिये अपने सुरक्षा बलों को खुली छूट देना जारी रखेंगे।”

