इस्लामाबाद: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि मसूद अजहर का नाम संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में जुड़ गया है।
मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया जाना भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत है क्योंकि भारत काफी लंबे समय से खासकर कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से इसके लिए जोर दे रहा है। चीन लगातार अपनी वीटो का इस्तेमाल कर रोड़ा अटका रहा था।
आतंकवाद के खिलाफ बड़ी लड़ाई में भारत को आखिरकार मिली एक बड़ी जीत मिली है। यूएन में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि इसके लिए सभी ने मिलकर पहल की और भारत के लिए यह एक बड़ी सफलता है।
ये फैसला तब लिया गया है जब संयुक्त राष्ट्र की 1267 सेंक्शन कमेटी ने मसूद अजहर का पुलवामा हमले और कश्मीर में हो रही आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
बता दें कि ब्रिटिश उच्चायुक्त ने सर डोमिनिक अक्विथ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि पुलवामा हमले और उसके बाद के घटनाक्रमों के मद्देनजर ब्रिटेन भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को कम करने में सक्रिय रूप से शामिल था।
अजहर को वैश्विक आतंकवादी के घोषित करने के बारे में पूछे जाने पर, ब्रिटिश उच्चायुक्त ने कहा था कि हम यह देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि क्या देश (चीन), जो इसका विरोध कर रहा है, वे अपनी इस मुद्दे पर क्या रूख अपनाता है।
फ्रांस ने किया स्वागत
फ्रांस सरकार ने मसूद को UNSC 1267 प्रतिबंध समिति के द्वारा आतंकवादी घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। एक बयान में फ्रांस ने कहा, ‘फ्रेंच कूटनीति लगातार अजहर को प्रतिबंधित करने के प्रयास कर रही थी खासतौर से फरवरी में पुलवामा हमले के बाद। फ्रांस ने 15 मार्च को मसूद अजहर के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिबंध लगाया था।’
जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया ग्लोबल टेररिस्ट

