इंदौर। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए, ज्ञानशाला के ज्ञानार्थीयों का एक दिवसीय शिविर जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान तथा आंचलिक संयोजिका श्रीमती उर्मिलाजी घीया के निर्देशन में तेरापंथ भवन न्यू पलासिया पर आयोजित किया गया। नमस्कार महामंत्र की स्तुति के साथ शिविर का शुभारंभ हुआ।
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभाध्यक्ष श्री प्रकाशजी कांठेड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में ज्ञानशाला शिविर की सुंदर आयोजना के लिए प्रशिक्षिकाओं के साथ ही अनुशासित ज्ञानार्थीयों को शुभकामनाएं प्रेषित की। प्रेक्षाध्यान प्रभारी श्री राजेन्द्रजी मोदी ने अपनी सरलतम शब्दावली के द्वारा, बच्चों में स्मरण शक्ति का विकास, अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण केसै हो से सम्बंधित महाप्रयाण ध्वनि आदि के अनेकों प्रयोग करवाएं। वाकपटुतायुक्त वक्ता श्री सुनीलजी सामोता ने बच्चों में विद्यमान स्मरण शक्ति को टटोलते हुए अनेकों पहेलियों से सम्बंधित सवालों की श्रृंखला को पेश करते हुए ज्ञानशाला के महत्व को प्रतिपादित किया।
आज के कार्यक्रम में अनेकों ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया इसी कड़ी में भगवान महावीर एवं चंड़कोशिक के दृष्टांत पर आधारित श्रीमती मधुजी फलोदिया एवं श्रीमती खुशबुजी घीया का पपेट शो आकर्षण का केंद्र रहा। डॉ. ज्योतिजी पटावरी एवं कनकजी आर्या ने न्यूट्रीशन वैल्यू और डेंटल हाइजीन पर बच्चों को ज्ञानार्जन करवाया। ज्ञानार्थी गोरल बैद द्वारा नशामुक्ति पर सुंदर कविता की प्रस्तुति दी गई। ज्ञानशाला प्रभारी श्रीमती उर्मिलाजी घीया ने वर्तमान युग की समस्या मोबाइल गेम को खेलने की लत पर अंकुश लगाने की बात कही। बच्चों को ग्रुप में विभाजित कर आध्यात्मिक मेमोरी, पजल गेम ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाएं नीतूजी सेठिया, ज्योतिजी छाजेड़, अंजूजी कठोतिया, रीतुजी पुगलिया, मधुजी फलोदिया ने खिलवाएं।ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं श्रद्धाजी बैद ने आर्ट और क्राफ्ट के द्वारा अनेक आयटम बनवाकर बच्चों में रोचकता का समावेश किया।आज का आकर्षण का केन्द्र रही *फ्लेम – लेस कुकिंग की ट्रेनिंग ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं प्रेक्षाजी दुगड़, सिम्मीजी जैन, रीताजी जैन, संजनाजी चोरड़िया, कोमलजी नाहटा और खुशीजी कठोतिया ने दी। सबने व्यंजनों का सुस्वाद लिया। मनोचकित्सक प्राचीजी बोहरा ने बच्चों में उर्जा का संचार करते हुए उर्जायुक्त गेम खिला कर बच्चों को हंसते नाचते हुए अपने घरों की ओर विदा किया। ज्ञानशाला में पांच वर्षों तक ज्ञानार्जन कर उत्तीर्ण ज्ञानार्थियों का फेयरवेल एवं परिचय प्रस्तुत कर जैन विद्या पच्चीस बोल, प्रतिक्रमण सिखने के लिए प्रेरित किया।
आज के शिविर में 73 ज्ञानार्थियों के साथ ही 17 प्रशिक्षिकाओं की सहभागिता को देखकर सुखद अनुभूति का अहसास हुआ। समाज के वरिष्ठ श्रावक श्री संतोषजी मोदी ते.म.म. की अध्यक्षा श्रीमती साधना जी कोठारी एवं मंत्री श्रीमती अर्चनाजी मेहता ज्ञानशाला सहसंयोजिका श्रीमती निर्मलाजी कोठारी विशेष रूप से उपस्थित थे। कन्या मंडल की मनाली सामोता,वर्षिता चौधरी का सहयोग भी सराहनीय रहा। शिविर का सफल मंच संचालन श्रीमती अंजूजी कठोतिया द्वारा किया गया।
इंदौर ज्ञानशाला द्वारा एक दिवसीय ज्ञानशाला शिविर का आयोजन

