ठाणे। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा मुम्बई व भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट ठाणे के तत्वावधान में साध्वी श्री सोमलता जी एवं साध्वी वृन्द के सानिध्य में मुंबई ज्ञानशाला की आँचलिक संयोजिका श्रीमती सुमन चपलोत के निर्देशन में मुम्बई अंचल में महाराष्ट्र स्तरीय “सिंचन” “पल्लवन हो रिश्तों का” इस दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन ठाणा भिवंडी और डोम्बिवली (भारमल ज़ोन) की ज्ञानशालाओं द्वारा पांच चरणों में माजीवाड़ा ठाणे तेरापन्थ भवन में सम्पन्न किया गया। राजस्थानी थीम के अनुसार बहुत सुंदर साज-सज्जा की गई, जिसमें कन्यामंडल का सहयोग रहा। इसके लिए संयोजिका निशा धोका, काजल गोखरू, रचना बरडिया और जानवी धोका ने श्रम किया। राजस्थानी परम्परा से सभी के स्वागत के बाद कार्यशाला में साध्वीवृन्द द्वारा नमस्कार महामंत्र के मंगल गान किया।
प्रथम चरण
शुरवात हुई पलवामा में हुए अविस्मरणीय क्षति जिसमे देश के वीर सपूत शाहिद हुए उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए। साध्वी श्री सोमलता जी ने प्रेरणा पाथेय देते हुए आचार्य तुलसी को याद करते हुए कहा कि नारी शक्ति के जागरण का शंखनाद गुरुदेव तुलसी ने आनेवाली भावी के भविष्य को देखकर ही किया नारी को जगाया और उस शक्ति ने भी गुरु इंगित को शिरोधार्य कर समाज को नई दिशा देने के लिए स्वयं के कदम बढ़ाए । स्वागत सत्कार मधु कोठारी ने किया व मंगलाचरण डोम्बिवली ज्ञानशाला ने प्रस्तुत किया मोटिवेटर श्री प्रकाशजी डूंगरवाल ने प्रशिक्षकों को selfconfidence और overconfidence का अंतर समझाया और अभिभावको से भी अधिक बच्चे प्रशिक्षकों से सीखते है इसलिए स्वयं को एक अच्छी प्रशिक्षक कैसे बनाये यह जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से बतायी । मुम्बई महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती जयश्री जी बडाला एवं मंत्री श्रीमती श्वेता जी सुराणा ने गरिमामय उपस्तिथि दर्ज करवाई और जयश्री जी ने सिंचन कार्यशाला के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की । परीक्षा विभाग से श्रीमान सुरेंद्र जी लूणिया ने अपने विचारों की अभिव्यक्ति दी व श्रीमान प्रकाश जी डूंगरवाल का सम्मान किया ।
द्वितीय चरण
ठाणे ज्ञानशाला की प्रशिक्षको द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गयी ।LCT की मोटिवेटर स्पीकर श्रीमती शीतल जी सांखला द्वारा Time मैनेजमेंट का सेशन लिया गया । मुम्बई ज्ञानशाला की सहसंयोजिका श्रीमती अनिताजी परमार व विभागीय संयोजिका श्रीमती राजश्री जी कच्छारा ने ऑनलाइन परीक्षा में स्थान पानेवाली बहनो को सम्मानित किया। श्रीमान सुरेंद्र जी लूणिया ने परीक्षाओ की तैयारी कैसे करवाये उसकी जानकारी दी । मुम्बई ज्ञानशालाओ में प्रशिक्षक परीक्षाओ का आयोजन हुआ था उसके रिज़ल्ट की घोषणा से साथ सर्वाधिक अंक प्राप्त करनेवाली बहनो को सम्मानित किया गया व सभी को प्रमाण पत्र दिए गए । सभी ज़ोन की सामूहिक फ़ोटो ली गई । अच्छी उपस्थिति के साथ शनिवार की सामूहिक सामयिक हुई व साध्वी श्री सोमलता जी ने प्रेरणा पाथेय प्रदान किया बहनो को शालीनता से रहने व रात्रि में कम से कम मोबाइल उपयोग में लेने के संकल्प दिलवाए । तृतीय चरण – रात्रिकालीन सत्र में ज्ञानशालाओ द्वारा मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन जो पूर्व निर्धारित था ज्ञानशालाओ को प्रथम द्वितीय और तृतीय व सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। मनोरंजन व हास्य कार्यक्रम प्रस्तुत हुए। जिसमे चेम्बूर ,जोगेश्वरी की प्रशिक्षकों ने भाग लिया ।लकी ड्रा रखा गया।
चतुर्थ चरण
जिसकी शुरवात हुई 17 फरवरी की सुबह से इसमें सुबह 6 बजे परामर्शक बहनो ने नमस्कार महामंत्र के संगान के साथ येऊर हिल्स पर स्टार्ट पॉइंट से वाकेथोंन के लिए बहनो को तैयार किया व 3 किलो मीटर की walkathon हुई जिसमें प्रथम प्रकाश देवी द्वितीय सुश्री दिव्या कोठारी और तृतीय रेखा बाफना विजेता रही साथ ही येऊरी हिल पर शहीद वीरो को लोगस्स पाठ के साथ श्रद्धाजंलि अर्पित की ।
चतुर्थ चरण
पांचवे चरण में ठाणे भवन में ठाणा की प्रशिक्षक बहनो द्वारा मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुवात की स्वागत के स्वरों में अभिवादन किया श्री देवीलाल जी श्रीश्रीमाल ने।
अभिव्यक्ति के स्वर –
अखिल भारतीय तेरापन्थ महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती कुमुद कच्छारा ने ज्ञानशाला की नींव को कैसे मजबूत बनाये यह बताया राष्ट्रीय संयोजक श्री सोहनजी चोपड़ा ने मुम्बई अंचल को E-learning में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी ।मुम्बई सभाध्यक्ष श्री नरेन्द्र जी तातेड़ ने विजय जी पटवारी देवीलाल जी श्री श्रीमाल , सुरेश जी सिंघवी व प्रतिभा जी व अनेको गणमान्यों ने अपने विचार रखे। मुम्बई मीडिया से अनिता सिंयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षक परीक्षाओ में मुंबई स्तर पर अच्छे अंक प्राप्त करनेवाली बहनो के सम्मान किये गए। डोम्बिवली की प्रशिक्षक बहनो द्वारा “मुम्बई ज्ञानशाला की नींव “इस एक्ट की प्रस्तुति दी गयी जो सचमुच सराहनीय रही । सुमन जी द्वारा वक्तव्य दिया गया जिसमें ज्ञानशाला को कैसे नवीनता लाये यह विचार रखे । मुम्बई ज्ञानशालाओ द्वारा अब तक जो भी विशिष्ठ कार्यक्रम हुए उनकी झलकियों को सुश्री दिव्या कोठारी ने PPT के माध्यम से बताया। साध्वी रक्षित यशा जी व साध्वी संचित यशा जी ने सुमधुर वक्तव्य दिया । वाकेथोन में स्थान पानेवाली बहनो को ट्राफी से राष्ट्रीय ज्ञानशाला संयोजक श्रीमान सोहन जी चोपड़ा ,कुमुद कच्छारा ने व पदाधिकारीओ ने सम्मानित किया ज्ञानशाला परिवार को विकास के नए अवसर मिले ऐसी शुभकामनाएं प्रेषित की
गरिमामयी उपस्थिति
अखिल भारतीय तेरापन्थ महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती कुमुद कच्छारा , मुम्बई तेरापन्थी सभा के अध्य्क्ष श्री नरेन्द्र जी तांतेड़ , मंत्री श्री विजय जी पटवारी , श्री विनोद जी बोहरा ,श्री सुनील जी कच्छारा , रमेश जी चौधरी ,श्री गौतम जी डागा , नरेंद्र जी बांठिया , अभतेमम कार्यकारिणी से प्रेमलता जी शिशोदिया निर्मला जी चण्डालिया , रत्ना जी कोठरी , महराष्ट्र की ज्ञानशाला संयोजिका माया जी मुथा , भाग्यश्री कच्छारा ,सुधाजी सिंयाल ,प्रतिभा जी चोपड़ा अनिता जी धारीवाल ,श्री जयंतीलाल जी बरलोता , अरुण जी जैन अभयराज जी चौपड़ा, देवीलाल जी जैन , महेंद्र जी पुनमिया ,जितेंद्र जी राठौड़ ,हसमुख जी श्रीश्रीमाल,कमलेश जी दुग्गड़, प्रवीण जी डांगी, कमलेश जी चोरड़िया, अमृत जी श्री श्रीमाल राजेश जी भटेवरा , भरत जी सिंघवी ,महेंद्र जी गादिया , कमलेश जी चण्डालिया ,विकास जी अच्छा , पंकज जी नवलखा गिरीश जी शिशोदिया , संदीप जी रांका , अशोक जी मांडोत , सुभाष जी हिंगड़ , निशा भटेवरा , वनिता मेहता, प्रिया मुथा, रमिला बडाला, चेतना बाफना ,संगीता चण्डालिया ,अलका श्रीश्री माल ,अनिता वागरेचा, यशा भंसाली ,उमराव जी सेठिया , पुष्पा श्रीश्री माल ,भारती सिंघवी ,ललिता जी सोनी पिस्ता जी चारडिया , चंदा जी वागरेचा की सहभागिता रही।
कार्यशाला का सुंदर संचालन किया किरण कोठारी मधु कोठारी व निशा भटेवरा व भारती ने किया। कार्यक्रम संयोजिका अनिता धारीवाल ने आभार ज्ञापन किया लगभग 190 बहनो ने अपनी सुविधानुसार सिंचन में भाग लिया जिसमें जालना ,औरंगाबाद ,महाड़ की प्रशिक्षक बहनो ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई।

